Indore Water Contamination Deaths : इंदौर (4 फरवरी 2026)। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण हुई मौतों ने मध्य प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में आज राजवाड़ा पर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमें कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ ‘इंदौर बंद’ की चेतावनी दी है।
भ्रष्टाचार और सिस्टम पर प्रहार धरने को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि ये मौतें प्राकृतिक हादसा नहीं, बल्कि नगर निगम में व्याप्त “कल्पना से परे भ्रष्टाचार” का नतीजा हैं। उन्होंने दावा किया कि दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 32 तक पहुँच गई है। पटवारी ने कहा, “बीजेपी के लिए लोगों की जान सस्ती है। 32 घरों के चिराग बुझ गए और सरकार सिर्फ 2 लाख रुपये का ‘ऊँट के मुँह में जीरा’ जैसा मुआवजा देकर पल्ला झाड़ रही है।”
कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
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मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
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परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में सरकारी नौकरी दी जाए।
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क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दें।
कैलाश विजयवर्गीय और सीएम पर निशाना पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को घेरते हुए कहा कि उनके मंत्री के क्षेत्र में इतनी बड़ी त्रासदी हो गई, लेकिन वे इस्तीफा तक नहीं मांग पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘स्वच्छता में नंबर वन’ के दावों की पोल खोलती है।
न्यायिक जांच और सरकारी रिपोर्ट गौरतलब है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सरकार ने ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें 16 मौतों के पीछे दूषित पानी को कारण माना गया है। हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया है।
अल्टीमेटम: जीतू पटवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि 8 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो कांग्रेस पूरे इंदौर शहर को बंद कराएगी और इस लड़ाई को और उग्र करेगी।













