Deepak Baij Jail Visit : रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने आज रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की। लगभग एक साल से जेल में बंद लखमा से मिलने के बाद बैज ने मीडिया से रूबरू होते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आदिवासी नेताओं को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।
फरवरी में जमानत की उम्मीद मुलाकात के बाद दीपक बैज ने कहा कि कवासी लखमा के साथ उनकी लंबी और सार्थक चर्चा हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लखमा को फरवरी 2026 के महीने में जमानत मिल जाएगी। बैज ने कहा, “हमें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। लखमा जी के बाहर आते ही हम बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ को मजबूत करने की दिशा में नए सिरे से कदम उठाएंगे।”
बजट सत्र में शामिल होने की मांग दीपक बैज ने जोर देकर कहा कि कवासी लखमा एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। वे पिछले एक साल से विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पाए हैं। बैज के अनुसार, लखमा आगामी बजट सत्र में शामिल होना चाहते हैं ताकि वे बस्तर और आदिवासियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को सदन के पटल पर रख सकें। कांग्रेस ने मांग की है कि लखमा को सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए।
क्या है पूरा मामला? ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 जनवरी 2025 को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। ED का आरोप है कि तत्कालीन आबकारी मंत्री के रूप में लखमा ने एक सिंडिकेट को संरक्षण दिया और नीतिगत बदलावों के जरिए करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया। हालांकि, कांग्रेस शुरू से ही इसे राजनीति से प्रेरित और ‘वोट-कटौती’ की साजिश बताती रही है।
बैज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता कवासी लखमा के साथ खड़ा है और पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी।









