Sukma Administration News : सुकमा (कृष्णा नायक)। बस्तर संभाग के अंतिम छोर पर बसे सुकमा जिले के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में अब विकास की किरणें तेजी से पहुँच रही हैं। गुरुवार को सुकमा कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने नक्सल प्रभावित विकासखंड कोंटा के पिड़मेल, भेज्जी और डब्बाकोंटा जैसे सुदूर गांवों का सघन दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली और जनकल्याणकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को समझना था।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान अधिकारियों की टीम ने ग्राम पिड़मेल में प्राथमिक शाला का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर अमित कुमार ने नन्हें स्कूली बच्चों से सीधे संवाद कर उनके शैक्षणिक स्तर को परखा और शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के कड़े निर्देश दिए। वहीं, डब्बाकोंटा के उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों से बातचीत कर दवाइयों की उपलब्धता और उपचार की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।
जनता से सीधा संवाद और योजनाओं का ऑडिट दौरे के दौरान ग्रामीणों से चौपाल लगाकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और राशन वितरण (PDS) की स्थिति पर फीडबैक लिया। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए, जिस पर कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों तक लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचाने के निर्देश दिए।
बीच रास्ते में रोकी बस, यात्रियों से पूछा किराया प्रशासनिक अमले ने अरहनपुर से कोंटा जा रही एक यात्री बस का औचक निरीक्षण कर सभी को चौंका दिया। कलेक्टर और एसपी ने बस के अंदर जाकर किराया सूची की जांच की और यात्रियों से पूछा कि उनसे निर्धारित दर से अधिक पैसे तो नहीं लिए जा रहे। यात्री सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर भी बस कंडक्टर और ड्राइवर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस महत्वपूर्ण दौरे में जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर और डीएफओ अक्षय कुमार भोंसले भी उपस्थित रहे। यह दौरा संदेश देता है कि राज्य शासन की मंशा अब सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन और विकास पहुँचाने की है।











