Sehore Police Awareness : सीहोर। जिला पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन में सीहोर पुलिस द्वारा “जागरूकता से अपराध रोकथाम” अभियान के तहत एक विशेष जन-चेतना कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री सुनीता रावत के मार्गदर्शन में यातायात, थाना कोतवाली और अजाक थाना की संयुक्त टीम ने इंग्लिशपुरा स्थित नरेंद्र कोचिंग क्लासेस पहुंचकर छात्र-छात्राओं को कानून, सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
यातायात नियमों का पालन है अनिवार्य “राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026” के अंतर्गत यातायात थाना प्रभारी सूबेदार ब्रजमोहन धाकड़ ने विद्यार्थियों को “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” का संदेश दिया। उन्होंने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और यातायात संकेतों के पालन पर जोर दिया। इसके साथ ही, लाइसेंस बनाने की वैधानिक प्रक्रिया समझाई और चेतावनी दी कि बिना लाइसेंस वाहन चलाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है।
सामाजिक अधिकार और सुरक्षा पर मंथन जन चेतना शिविर के दौरान उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) श्री प्रवीण चढ़ोकार एवं थाना प्रभारी श्री अंसारुल हक ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित क्षेत्रों में सामाजिक समरसता और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह संवाद स्थापित किया गया।
साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके आज के डिजिटल दौर में बढ़ते वित्तीय अपराधों को देखते हुए कोतवाली थाने के उप निरीक्षक विक्रम आदर्श और विवेक आर्य ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और फाइनेंशियल फ्रॉड के खतरों से आगाह किया। उन्होंने बताया कि कैसे अनजान लिंक और ओटीपी शेयर करने से बचा जाए। साथ ही, उन्होंने साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत एनसीआर पोर्टल (NCR Portal) पर शिकायत दर्ज कराने या नजदीकी थाने में रिपोर्ट करने की प्रक्रिया भी समझाई।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को जागरूक बनाकर समाज में अपराधों के प्रति एक सुरक्षा कवच तैयार करना है। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ दिलाई।









