भोपाल : उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश में भी साफ दिखाई देने लगा है। बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश में तापमान तेजी से गिरा है और सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है। कई जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 28 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा, लेकिन तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई। रीवा, भोपाल, उज्जैन, सागर, इंदौर, ग्वालियर और चंबल संभागों के जिलों में रात का पारा सामान्य से नीचे चला गया। कई स्थानों पर कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही।
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राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला
सोमवार को राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर में तापमान 7.8 डिग्री, दतिया और शिवपुरी में 8 डिग्री, पचमढ़ी में 8.2 डिग्री और छतरपुर के नौगांव में 8.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राज्य के प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। भोपाल में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री और जबलपुर में 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान मंडला में 29.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
कोहरे और बारिश का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हरियाणा और आसपास के इलाकों में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। इसी सिस्टम के कारण प्रदेश के कई जिलों में कोहरे और बारिश की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग ने रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।
1 फरवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में ठंड और तेज हो सकती है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश के साथ तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। लोगों को सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।











