Indore Traffic Police : इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एक मिसाल पेश की है। शहर में अब यातायात नियम केवल आम जनता के लिए नहीं, बल्कि पुलिस महकमे के लिए भी अनिवार्य कर दिए गए हैं। डीसीपी ट्रैफिक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट, बिना लाइसेंस या तीन सवारी (ट्रिपल राइडिंग) करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी आम नागरिकों की तरह ही चालानी कार्रवाई की जाएगी।
50 पुलिसकर्मियों पर हो चुकी है कार्रवाई: इंदौर ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महज एक महीने के भीतर सख्ती दिखाते हुए 50 से अधिक पुलिसकर्मियों के चालान काटे जा चुके हैं। यह कार्रवाई उन पुलिसकर्मियों पर की गई जो ड्यूटी के दौरान या सामान्य समय में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे थे। विभाग के इस कदम का उद्देश्य समाज में यह संदेश देना है कि कानून सबके लिए बराबर है।
डीसीपी का सख्त रुख: यातायात अधिकारियों के मुताबिक, सड़क पर अनुशासन तभी स्थापित हो सकता है जब नियम लागू करने वाली एजेंसी खुद उन नियमों का पालन करे। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार का विभागीय दबाव या वर्दी का हवाला देकर चालान से नहीं बचा जा सकेगा।
आम जनता से अपील: पुलिसकर्मियों पर की जा रही इस कार्रवाई के जरिए इंदौर ट्रैफिक पुलिस आम नागरिकों को भी जागरूक कर रही है। पुलिस ने अपील की है कि सुरक्षित सफर के लिए हेलमेट पहनना और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना बेहद जरूरी है। शहर के प्रमुख चौराहों पर चेकिंग अभियान को और तेज कर दिया गया है।
आनंद कलदगी, डीसीपी ट्रैफिक
“सड़क सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियम सबके लिए समान हैं, चाहे वह पुलिसकर्मी हो या आम नागरिक। हमने पिछले महीने कई पुलिसकर्मियों पर चालानी कार्रवाई की है। हमारा उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जान सुरक्षित करना है।”











