Wednesday, August 19, 2026
Home Chhattisgarh शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल की जमानत को EOW-ACB ने सुप्रीम कोर्ट...

शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल की जमानत को EOW-ACB ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में नया मोड़ आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मिली जमानत के खिलाफ EOW-ACB (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा-भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस याचिका पर 28 जनवरी को देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई प्रस्तावित है। इस फैसले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

छह महीने बाद जेल से बाहर आए थे चैतन्य बघेल

चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद वे लगभग छह महीने तक रायपुर सेंट्रल जेल में बंद रहे। 3 जनवरी को उन्हें बिलासपुर हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहाई मिली थी। हाई कोर्ट के इसी आदेश को अब EOW-ACB ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

ED ने बताया शराब घोटाले का मुख्य आरोपी

ED के अनुसार, छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में चैतन्य बघेल मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से अर्जित अवैध धन को चैतन्य बघेल ने अपनी कंपनियों में निवेश किया। ED की चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि इस घोटाले से उन्हें करीब 1000 करोड़ रुपये तक का लाभ हुआ।

Read More : कर्नाटक : ऑफिस में अय्याशी करना DGP को पड़ा भारी! Video वायरल होने पर सिद्धारमैया सरकार ने किया सस्पेंड

EOW और ED दोनों कर रही हैं जांच

इस मामले में केवल ED ही नहीं, बल्कि EOW-ACB भी भ्रष्टाचार के एंगल से जांच कर रही है। दोनों एजेंसियों की जांच के बाद चैतन्य बघेल को जमानत मिली थी, लेकिन अब EOW-ACB का कहना है कि जमानत से जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए हाई कोर्ट के आदेश को रद्द किया जाना चाहिए।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और जमानत पहले ही छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट में जमानत को चुनौती दिए जाने के बाद एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी तेज होने की संभावना है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि जांच एजेंसियां इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें

अब सभी की निगाहें 28 जनवरी की सुनवाई पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला न केवल चैतन्य बघेल के भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की दिशा भी तय कर सकता है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here