रायपुर : आज छत्तीसगढ़ में मकर संक्रांति का पर्व पूरे हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही प्रदेश के शहरों और कस्बों में उत्सव का माहौल नजर आया। आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ती दिखीं, वहीं मंदिरों में विशेष पूजा, दीपोत्सव और भोग-प्रसाद की व्यवस्थाएं की गईं।
रायपुर में पतंगोत्सव और धार्मिक आयोजन
राजधानी रायपुर में मकर संक्रांति की खास रौनक देखने को मिली। सेरीखेड़ी स्थित एस.एन. पैलेस में दोपहर 2:30 बजे से शाम 7 बजे तक पतंगोत्सव का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं। बच्चों से लेकर युवाओं तक में पतंग उड़ाने का खास उत्साह देखा जा रहा है।
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दूधाधारी मंदिर में निभेगी 472 साल पुरानी परंपरा
रायपुर के प्रसिद्ध दूधाधारी मंदिर में 472 वर्ष पुरानी मठ परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। यहां मठाधीश द्वारा फलादेश सुनाया जाएगा और भगवान को तिल व खिचड़ी का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
अय्यप्पा मंदिर में दीपोत्सव की भव्य तैयारी
टाटीबंध स्थित अय्यप्पा मंदिर में मलयाली समाज द्वारा दीपोत्सव मनाया जा रहा है। हजारों दीपों से मंदिर को सजाया गया है। यह आयोजन केरल के शबरीमाला मंदिर की परंपरा पर आधारित है, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से भर दिया है।
भिलाई-दुर्ग में भी दिखी पर्व की रौनक
मकर संक्रांति के अवसर पर भिलाई-दुर्ग अंचल में भी पारंपरिक पर्वों की धूम रही। 13 जनवरी की रात पोंगल और लोहड़ी उत्साह और सामाजिक समरसता के साथ मनाई गई। वहीं भिलाई के हेलीपेड ग्राउंड में पुलिस प्रशासन द्वारा जिले का सबसे बड़ा पतंग महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है।









