भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह तीसरी बार राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और अब इस सीट को खाली कर रहे हैं। लगातार दो कार्यकाल तक राज्यसभा सांसद रहने के बाद दिग्विजय सिंह का यह फैसला कांग्रेस की सियासत में अहम माना जा रहा है।
राज्यसभा से हटकर विधानसभा पर फोकस
दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब वह मध्य प्रदेश की जमीनी राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। उनका फोकस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर होगा और वे संगठन को मजबूत करने में पूरी ताकत लगाएंगे। कांग्रेस के भीतर यह संकेत माना जा रहा है कि पार्टी अब नए नेतृत्व और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहती है।
दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं दिग्विजय
दिग्विजय सिंह इससे पहले दो बार राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं। लंबे संसदीय अनुभव के बावजूद उनका यह फैसला बताता है कि कांग्रेस अब राज्य स्तर पर सशक्त रणनीति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उनकी भूमिका अब चुनावी मैनेजमेंट, संगठन विस्तार और रणनीतिक सलाहकार की होगी।
कांग्रेस के लिए क्या मायने रखता है फैसला
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिग्विजय सिंह का यह कदम कांग्रेस को मध्य प्रदेश में नई ऊर्जा दे सकता है। उनके अनुभव और नेटवर्क का इस्तेमाल पार्टी विधानसभा चुनाव में कर सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां कांग्रेस को कमजोर माना जा रहा है।
सियासी हलकों में चर्चा तेज
इस ऐलान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस खाली हो रही राज्यसभा सीट पर किसे मौका देती है और दिग्विजय सिंह विधानसभा चुनाव में किस तरह की रणनीतिक भूमिका निभाते हैं।













