SI Kiran Rajput Accident : सीहोर। आष्टा में पदस्थ महिला सब इंस्पेक्टर (SI) किरण राजपूत की थार गाड़ी से हुई भीषण दुर्घटना के मामले में अब जिला पुलिस अधीक्षक का आधिकारिक बयान सामने आया है। कल एसपी कार्यालय में परिजनों द्वारा दिए गए धरने और पुलिस पर मामले को दबाने के आरोपों के बाद प्रशासन हरकत में आता दिखाई दे रहा है।
पूरा मामला झगरिया चौराहे का है, जहाँ पिछले दिनों सब इंस्पेक्टर किरण राजपूत ने अपनी थार जीप से चार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी थी। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई थी, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका उपचार अभी भी भोपाल में चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस विभाग अपनी सहकर्मी को बचाने के लिए जांच में ढिलाई बरत रहा है और मुख्य आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
परिजनों के आक्रोश और एसपी ऑफिस में किए गए प्रदर्शन के बाद पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने इस संवेदनशील मामले पर स्थिति स्पष्ट की है। एसपी शुक्ला ने कहा कि पुलिस इस पूरे मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता से कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी को भी बचाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है और कानून अपना काम पूरी पारदर्शिता के साथ करेगा।
पुलिस अधीक्षक ने आगे कहा कि यदि परिजनों को जांच के कुछ बिंदुओं पर संदेह है या उन्हें लगता है कि कोई पक्ष छूट गया है, तो उन बिंदुओं को भी जांच के दायरे में शामिल किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मामले की जांच पूर्ण निष्ठा के साथ आगे बढ़ेगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं, दूसरी ओर परिजनों की मांग है कि आरोपी एसआई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जाए। परिजनों का दावा है कि उनके पास घटना से जुड़े ऐसे साक्ष्य हैं जो पुलिस की थ्योरी को गलत साबित करते हैं। फिलहाल, पुलिस कप्तान के आश्वासन के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।













