Rashi Steel And Power Limited News : गौरी शंकर गुप्ता/बिलासपुर (ग्रामीण): जिले के मस्तूरी तहसील अंतर्गत पाराघाट में स्थित राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गई है। जिला युवा कांग्रेस (ग्रामीण) ने कंपनी पर नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाते हुए एसडीएम मस्तूरी को ज्ञापन सौंपा है। कार्यकारी जिलाध्यक्ष सुनील पटेल के नेतृत्व में की गई इस शिकायत में कंपनी की कार्यप्रणाली पर 8 बड़े सवाल खड़े किए गए हैं।
शिकायत के मुख्य बिंदु: क्यों हो रहा है विरोध?
युवा कांग्रेस ने कंपनी पर जो आरोप लगाए हैं, वे न केवल पर्यावरण बल्कि सामाजिक और आर्थिक हितों से भी जुड़े हैं:
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नियमों का उल्लंघन: बिना स्पष्ट वैधानिक अनुमति और NOC के कोल वॉशरी का संचालन किया जा रहा है।
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प्रदूषण की मार: लीलागर नदी का पानी जहरीला होने की आशंका है और अत्यधिक धूल से ग्रामीणों का सांस लेना दूभर हो गया है।
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श्रमिकों का शोषण: कर्मचारियों के वेतन से 24% PF काटा जा रहा है, लेकिन खातों में जमा होने को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं है।
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वादाखिलाफी: विस्थापितों को रोजगार नहीं मिला और CSR फंड का उपयोग केवल कागजों तक सीमित है।
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बुनियादी ढांचा: भारी वाहनों के दबाव से PMGSY की सड़कें तबाह हो गई हैं और भू-जल स्तर खतरनाक रूप से गिर रहा है।

10 दिनों का अल्टीमेटम
सुनील पटेल ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो युवा कांग्रेस प्रभावित ग्रामीणों के साथ मिलकर SDM कार्यालय का घेराव और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेगी।
प्रशासनिक रुख
ज्ञापन सौंपने के बाद अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि औद्योगिक इकाई की मनमानी ने उनके जीवन को नरक बना दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर जांच बिठाता है या कंपनी की मनमानी जारी रहती है।











