रायपुर: राजधानी रायपुर में ट्रैफिक पुलिस की सख्ती, जागरूकता अभियान और लगातार प्रयोगों के बावजूद सड़क हादसों में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। साल 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या में 2024 की तुलना में 9.35 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिसंबर माह के आंकड़े शामिल किए बिना ही 335 दिनों में 573 लोगों की जान सड़क हादसों में चली गई।
हादसों की संख्या भी बढ़ी
आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में रायपुर में 1900 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 1292 लोग घायल हुए हैं। राजधानी के 31 थाना क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों के दौरान कुल 11005 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 3110 लोगों की मौत और करीब 7900 लोग घायल हुए हैं।
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नए साल की शुरुआत भी हादसों के साथ
नववर्ष के जश्न के बाद भी सड़कें सुरक्षित नहीं रहीं। गुढियारी थाना क्षेत्र में अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। रिंग रोड-2 पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने मोपेड सवार महेंद्र मडामें (50) को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं, कोटा रोड पर दो बाइकों की टक्कर में कुमार साहू (24) की जान चली गई।
VIP रोड पर भीषण टक्कर
तेलीबांधा VIP रोड पर तेज रफ्तार बोलेरो ने पहले एक कार और फिर ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा चालक का पैर कट गया और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
लगातार बढ़ रहे हादसे पुलिस और प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। शहर के भीतर और आउटर इलाकों में हो रही दुर्घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर सड़क सुरक्षा के उपाय कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं।











