Jagdishpur vs Islam Nagar : भोपाल: मध्य प्रदेश में करीब 70 स्थानों के नाम बदलने की कवायद पर कांग्रेस द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। कांग्रेस के विरोध पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हुजूर विधानसभा से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस की मंशा और आस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. मोहन यादव की सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गुलामी के प्रतीकों को मिटाने का काम जारी रखेगी।
‘जगदीशपुर प्यारा है या इस्लाम नगर?’
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस से सवाल पूछते हुए कहा, “कांग्रेस को आखिर कौन सा नाम प्यारा है? क्या कांग्रेस आज भी जगदीशपुर को ‘इस्लाम नगर’ ही कहना चाहती है? क्या कांग्रेस की भगवान जगदीश में आस्था नहीं है? ऐसा लगता है कि कांग्रेस को इस्लाम में ज्यादा भरोसा और आस्था है।”
लुटेरों के नाम पर आपत्ति क्यों नहीं? नर्मदापुरम का उदाहरण देते हुए शर्मा ने कहा कि कांग्रेस आज भी नर्मदापुरम को लुटेरे हुशंगशाह के नाम पर ‘होशंगाबाद’ ही बोलना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि हलालपुर का नाम बदलने पर कांग्रेस को आपत्ति है क्योंकि शायद उन्हें ‘हलाल’ शब्द ज्यादा पसंद है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस गुलामी की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पा रही है।
‘जनता की मांग सर्वोपरि’
रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि जैसे-जैसे जनता की मांग आती रहेगी, सरकार उन स्थानों के नाम बदलती रहेगी जो विदेशी आक्रांताओं या गुलामी की याद दिलाते हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “हम गुलामी के किसी भी नाम को स्वीकार नहीं कर सकते और हम कांग्रेस की किसी भी आपत्ति से डरने वाले नहीं हैं।”
इस बयान के बाद प्रदेश में नाम बदलने की राजनीति पर बहस और तेज होने की संभावना है। जहाँ भाजपा इसे ‘सांस्कृतिक पुनरुत्थान’ बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे ‘मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाली राजनीति’ करार दे रही है।










