भोपाल: राजधानी भोपाल में PCPNDT एक्ट के उल्लंघन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। नियमित निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद दो सोनोग्राफी केंद्रों की मान्यता निरस्त कर दी गई है। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देश पर की गई।
इन केंद्रों पर हुई कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन संस्थानों पर कार्रवाई की गई, उनमें नर्वदा इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर और मोतिया तालाब स्थित सेंट्रल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर शामिल हैं। निरीक्षण टीम को यहां दस्तावेजों और रिकॉर्ड के रखरखाव में गंभीर लापरवाही मिली।
अनाधिकृत जांच और नियमों की अनदेखी
निरीक्षण के दौरान नर्वदा इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉ. नीतिश अरोरा को अनाधिकृत रूप से इको कार्डियोग्राफी करते हुए पाया गया, जो निर्धारित नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा केंद्र में ANC रजिस्टर अपूर्ण पाया गया।
Read More : M.P Accident : बड़वारा में रफ्तार का कहर! ट्रक ने रौंदी बाइक, युवक की दर्दनाक मौत, CCTV फुटेज से हड़कंप
F-फॉर्म और रिकॉर्ड में बड़ी खामियां
जांच में यह भी सामने आया कि कई F-फॉर्म पर रेफरल करने वाले चिकित्सक का पता दर्ज नहीं था। कुछ फॉर्म में सोनोग्राफी करने वाले डॉक्टर का नाम अंकित नहीं किया गया था। वहीं, कई दस्तावेज चिकित्सक के हस्ताक्षर और सील के बिना पाए गए, जो PCPNDT एक्ट के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
भविष्य में और सख्त कार्रवाई के संकेत
CMHO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि लिंग चयन और अवैध सोनोग्राफी पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में शहर के अन्य सोनोग्राफी केंद्रों का भी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।











