Bhopal Employee Protest : भोपाल। मध्यप्रदेश में वित्त विभाग द्वारा जारी एक नए आदेश ने प्रदेश के लाखों छोटे संवर्ग के कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया है। रविवार को मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के बैनर तले प्रदेशभर के स्थाई कर्मियों, दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन कर्मचारियों और श्रमिकों ने भोपाल के तुलसी नगर स्थित अंबेडकर जयंती मैदान में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने पदों को ‘सांख्यकेतर’ घोषित कर उनके अधिकारों का हनन किया है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने वित्त विभाग के इस आदेश को वापस लेने की मांग की और जमकर नारेबाजी की।
मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मंत्रिपरिषद के निर्णय के माध्यम से छोटे संवर्ग के कर्मचारियों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पदों को समाप्त करने वाले इस आदेश से प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में डूब गया है। पांडे ने आरोप लगाया कि इस निर्णय से कर्मचारी अब अधिकार विहीन हो गए हैं और वे न्याय के लिए कहीं भी गुहार नहीं लगा सकेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि आज का यह ध्यानाकर्षक आंदोलन केवल एक शुरुआत है; यदि सरकार ने जल्द ही इस आदेश को वापस नहीं लिया, तो प्रदेशभर के कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर जाने को मजबूर होंगे।











