Sidhi–Singrauli : सीधी–सिंगरौली के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने हाल ही में एक सार्वजनिक सभा में यह दावा किया कि बैढ़न से भोपाल के लिए प्रतिदिन रेल सेवा चलेगी। लेकिन इस घोषणा के साथ ही क्षेत्र की जमीनी हकीकत को लेकर जनता में सवालों की बाढ़ आ गई है। सिंगरौली–सीधी अंचल की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
Sidhi–Singrauli : टूटी सड़कें, गहरे गड्ढे, बढ़ता प्रदूषण, स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी, आदिवासियों पर कथित अत्याचार, बेरोज़गारी और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दे लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में रेल सेवा की घोषणा को लेकर लोग यह पूछने लगे हैं कि क्या पहले से मौजूद समस्याओं पर भी उतनी ही गंभीरता दिखाई जाएगी? हैरानी की बात यह है कि सांसद के बयान के बाद यह चर्चा भी तेज़ हो गई कि उन्हें सिंगरौली ज़िले में स्थित रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्मों की पूरी जानकारी नहीं है..? इस पर जनता सवाल कर रही है कि क्या जनप्रतिनिधि अपने ही क्षेत्र की बुनियादी संरचना से वाकिफ़ हैं?
Sidhi–Singrauli : इन आरोपों और सवालों के बीच सांसद डॉ. मिश्रा ने देर रात एक प्रेस वार्ता कर कई बातों का खंडन कर ही रहे थे तभी एक पत्रकार ने एनएच-39 के निर्माण की समय-सीमा पर सवाल किया, तो सांसद ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली। इसके बाद डी,एफ फंड, सी,एस,आर फंड सहित विभिन्न मदों के ज़रिए हुए कार्यों की बात की गई, लेकिन जब जमीनी स्तर पर इन फंडों से हुए कार्यों की स्थिति पूछी गई, तो स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
Sidhi–Singrauli : स्थानीय लोगों का कहना है कि कागज़ों में योजनाएं और फंड तो दिखाई देते हैं, लेकिन ज़मीन पर उनके परिणाम नज़र नहीं आते..? इसी वजह से अब चौक-चौराहों और आम चर्चाओं में यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या विकास सिर्फ़ घोषणाओं तक सीमित रह गया है? जनता के बीच यह बहस भी तेज़ हो गई है कि जब बुनियादी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं दिखती, तो बड़े-बड़े वादों का क्या अर्थ रह जाता है। ऐसे में क्षेत्र के विकास को लेकर उम्मीद और निराशा के बीच जनता जवाब मांग रही है—विकास होगा या विनाश, यह समय और जवाबदेही तय करेगी..?











