In the name of MNREGA : इंदौर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने दो दिवसीय प्रवास पर इंदौर पहुँचे, जहाँ उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस और विशेषकर राहुल गांधी पर तीखे प्रहार किए। सिंधिया ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पारदर्शी नीतियों के कारण उन लोगों के ‘पेट में दर्द’ हो रहा है, जिनकी भ्रष्टाचार की दुकानें बंद हो गई हैं।
In the name of MNREGA : संसद की कार्यवाही और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सिंधिया ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी द्वारा प्रस्तावित नए बिल को ‘एंटी विलेज बिल’ (गांव विरोधी बिल) कहे जाने के सवाल पर सिंधिया ने तंज कसते हुए कहा, “राहुल जी यदि लीडर ऑफ अपोजिशन (नेता प्रतिपक्ष) हैं और उन्हें इस तरह के वक्तव्य देने हैं, तो कम से कम उन्हें संसद में तो उपस्थित रहना चाहिए।” उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष केवल बाहर बयानबाजी करता है, जबकि सदन में सार्थक बहस से भागता है।
In the name of MNREGA : मनरेगा के नाम बदलने और बजट आवंटन को लेकर छिड़ी बहस पर सिंधिया ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा का बजट मात्र 10 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था, जिसे मोदी सरकार ने बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के डिजिटलीकरण और नए बदलावों से मनरेगा में होने वाली चोरी और बिचौलियों का खेल खत्म होगा।
In the name of MNREGA : सिंधिया ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’। इसी मंत्र का पालन करते हुए जब भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा रही है और पैसा सीधे आम जन के खाते में पहुँच रहा है, तो उन लोगों को तकलीफ हो रही है जो व्यवस्था में सेंध लगाते थे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि देश विकास की राह पर तेजी से बढ़ रहा है और सरकार की योजनाएं पूरी तरह से जनहित को समर्पित हैं।
In the name of MNREGA : दो दिवसीय प्रवास के दौरान सिंधिया इंदौर में विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर वार-पलटवार का दौर शुरू होने की संभावना है। सिंधिया ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि ग्रामीण विकास के लिए सरकार की नीतियां क्रांतिकारी साबित होंगी और विपक्ष के पास जनता को गुमराह करने के अलावा कोई मुद्दा नहीं बचा है।











