emergency situation : घरघोड़ा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय (सेजेस) रायकेरा में शाला सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) मुख्यालय नई दिल्ली, राज्य परियोजना कार्यालय रायपुर और जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ डॉ. के.वी. राव के निर्देशानुसार आयोजित हुआ।
emergency situation : प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य
विद्यालय प्राचार्य एस. के. करण के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी रामकुमार पटेल के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को आपदा के दौरान क्या करें और क्या ना करें के बारे में प्रशिक्षित करना था। साथ ही, किसी भी प्रकार की आपदा से बचने के लिए उनकी क्षमता को बढ़ाना था।
emergency situation : टीपीएल भिलाई टीम द्वारा उन्नत प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण टीपीएल भिलाई की टीम द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण टीम में सब इंस्पेक्टर श्री विकास शर्मा, हेड कांस्टेबल श्री डीके यादव, कांस्टेबल श्री एस.एस.दास, कांस्टेबल श्री राजेश महतो और कांस्टेबल श्री ए. राजू शामिल थे। उन्होंने बहुत ही अच्छे तरीके से विद्यालय के सभी 23 शिक्षकों, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और 255 विद्यार्थियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया:
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राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की जानकारी
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रक्तस्राव का नियंत्रण (Bleeding Control)
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कोमल ऊतक चोट (Soft Tissue Injury) और टूटी हड्डी (फैक्चर) का स्थिरीकरण
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मरीज को उठाने एवं स्थानांतरित करने के तरीके
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भोजन तैरने वाला उपकरण (Floating Devices)
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साँप काटना (Snake Bite) और आकाशीय बिजली (तड़ित) से बचाव
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उन्नत स्ट्रेचर और रोगी के लिए गतिशील अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher)

emergency situation : प्रशिक्षण के पश्चात सभी विद्यार्थी काफी खुश नजर आए और उन्होंने नई-नई चीजें सीखने के लिए प्रसन्नता जाहिर करते हुए प्रशिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। टीपीएल भिलाई टीम द्वारा सभी विद्यार्थियों को चॉकलेट वितरित किए गए और विद्यालय को एक फर्स्ट ऐड किट भी प्रदान किया गया।
emergency situation : इस सफल प्रशिक्षण में विद्यालय के शिक्षकों (श्रीमती अलमा सोरेंग, श्रीमती दिव्या माधुरी तिग्गा, खेम सिंह राठिया, गोकुल कुमार नायक, कु. तनुजा यादव, टिकेश प्रधान, दिनेश्वर प्रसाद कुर्रे, कु. श्वेता तिर्की, श्रीमती पद्मावती चेचाम, दशरथ साव, उत्तम नगेसिया, विजय साहू, दयासागर देहरी, मुरलीधर साहू, हितेश्वर कुमार निषाद, जग्गू राठिया, ललित सिदार) की सक्रिय सहभागिता रही।













