भोपाल: राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के सभी बड़े शहरों से सटी पंचायतों में अब नगरीय विकास के नियम लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहरों से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में अनियोजित कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए कॉलोनाइजर एक्ट को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। इस फैसले से शहरों के आसपास तेजी से फैल रहे अवैध और अव्यवस्थित निर्माण पर लगाम लगेगी।
नगरीय विकास विभाग ने शुरू की कवायद
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। विभागीय स्तर पर इस बात का अध्ययन किया जा रहा है कि किन-किन पंचायत क्षेत्रों में शहरीकरण का प्रभाव अधिक है और जहां नगरीय नियम लागू किए जाने की आवश्यकता है। ऐसे क्षेत्रों की सूची तैयार कर नियमों के दायरे में लाने की योजना बनाई जा रही है।
पंचायत क्षेत्रों में भी होंगे शहरी मानक
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, शहरों से सटी ग्राम पंचायतों में कॉलोनियों के विकास, प्लॉटिंग, सड़क, नाली, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े वही मानक लागू होंगे, जो नगरीय क्षेत्रों में वर्तमान में प्रभावी हैं। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण संभव हो सकेगा।
नियमों में होंगे जरूरी संशोधन
नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जल्द ही विभागीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मौजूदा नियमों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में नगरीय कानून लागू करने में किसी तरह की कानूनी या प्रशासनिक बाधा न आए। संशोधित नियमों को कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।
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नियोजित विकास को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस कदम से शहरों के आसपास हो रहे बेतरतीब विस्तार पर रोक लगेगी और नियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भविष्य में नगर सीमा विस्तार के समय बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं से भी बचा जा सकेगा। आम नागरिकों को बेहतर सड़क, बिजली, पानी और सीवरेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना इस नीति का मुख्य उद्देश्य है।











