Paddy procurement mega campaign : राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत चल रहे धान खरीदी महाभियान से किसानों में हर्ष और उत्साह व्याप्त है। छत्तीसगढ़ सरकार की समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से की जा रही है। जिले में धान खरीदी अभियान की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशन में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
जिले के सभी 96 धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इन केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें, पर्याप्त पेयजल, छांव की व्यवस्था, बायोमेट्रिक डिवाइस मशीनें और पर्याप्त संख्या में श्रमिक उपलब्ध कराए गए हैं। धान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आर्द्रता मापी यंत्र (Moisture Meter) से किसानों के धान का परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही, सभी केंद्रों पर धान खरीदी की दर और संबंधित सूचियाँ फ्लैक्स बोर्ड पर प्रदर्शित की गई हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
Paddy procurement mega campaign : इस खरीदी अभियान के तहत, राजनांदगांव जिले में अब तक 34,015 पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जा चुकी है। यह एक बड़ी उपलब्धि है जो जिले में किसानों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है। खरीदे गए धान की कुल मात्रा 17,25,706 क्विंटल है, जिसका कुल मूल्य 409 करोड़ 89 लाख 66 हजार रुपये से अधिक है। इस बड़े भुगतान से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने धान खरीदी केंद्रों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने कोचियों और बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है, ताकि वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके। यह सख्ती खरीदी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
Paddy procurement mega campaign : तकनीकी सुविधा का उपयोग करते हुए, किसान अब ‘टोकन तुंहर हाथ’ मोबाइल एप के माध्यम से आसानी से टोकन प्राप्त कर रहे हैं। इस डिजिटल सुविधा से न केवल किसानों के समय की बचत हो रही है, बल्कि उन्हें खरीदी केंद्र पर अनावश्यक इंतजार से भी मुक्ति मिल रही है। खरीदी के साथ-साथ धान का उठाव (Upliftment) भी लगातार जारी है। अब तक धान उपार्जन केंद्रों से 43,030 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है, जो भंडारण और मिलिंग प्रक्रिया को गति दे रहा है।











