Indigo crisis : नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में बड़े पैमाने पर हुई उड़ान रद्दीकरण की समस्या के बाद, नागर विमानन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने रविवार को एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। मंत्रालय ने बताया कि इंडिगो ने उड़ानों के रद्दीकरण से प्रभावित यात्रियों को अब तक 610 करोड़ रुपये का रिफंड जारी कर दिया है। सरकार ने एयरलाइन को प्रभावित सभी यात्रियों को तत्काल और पूरा रिफंड लौटाने का सख्त आदेश दिया था।
Indigo crisis : रिफंड और किराए पर सीमा का आदेश
मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि एयरलाइन को रद्दीकरण से प्रभावित यात्रा को पुनर्निर्धारित (Reschedule) करने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क लगाने की अनुमति नहीं है। यात्रियों की सक्रिय सहायता के लिए समर्पित सपोर्ट सेल भी बनाए गए हैं, ताकि रिफंड और पुनः बुकिंग संबंधी समस्याओं का समाधान बिना किसी देरी या असुविधा के किया जा सके। हाल ही में रद्द हुई उड़ानों के कारण किराए में अस्थायी वृद्धि को देखते हुए, सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप किया और हवाई किरायों पर एक सीमा (Price Cap) लागू कर दी, जिससे किराया स्तर स्वीकार्य सीमा तक कम हो गया है।
Indigo crisis : परिचालन में सुधार
मंत्रालय ने कहा है कि इंडिगो के परिचालन प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है और उड़ानें धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौट रही हैं। इंडिगो की उड़ानों का संचालन, जो शुक्रवार को 706 था, वह बढ़कर शनिवार को 1,565 हो गया और रविवार के अंत तक इसके 1,650 तक पहुंचने की संभावना है। बयान में यह भी पुष्टि की गई है कि अन्य सभी घरेलू एयरलाइंस सुचारू रूप से और पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
Indigo crisis : सामान की डिलीवरी और सामान्य स्थिति की पुष्टि
यात्रियों को हुई असुविधा को कम करने के लिए, इंडिगो को यह भी निर्देश दिया गया था कि वह व्यवधानों के कारण यात्रियों से अलग हुए सभी सामान का 48 घंटों के भीतर पता लगाकर उन्हें पहुंचा दे। इस प्रयास के तहत, इंडिगो ने शनिवार तक पूरे भारत में यात्रियों को 3,000 सामान सफलतापूर्वक पहुंचा दिए हैं। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद और गोवा के हवाईअड्डा निदेशकों ने रविवार को सभी टर्मिनलों पर सामान्य स्थिति की पुष्टि की है, जहां यात्रियों की आवाजाही सुचारू बनी हुई है और कहीं भी भीड़भाड़ नहीं है।













