MK Greens : रीवा। एक निजी कॉलोनाइजर पर लगे हालिया आरोपों के बाद, एमके ग्रीन्स प्राइवेट लिमिटेड (MK Greens Private Limited) के सीएमडी मनोज शर्मा ने सामने आकर एक प्रेस वार्ता के माध्यम से अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी पर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए, सीएमडी शर्मा ने दावा किया कि रायपुर कर्चुलियान अंतर्गत मनीकवार रोड स्थित उनका प्रोजेक्ट पूरी तरह से वैधानिक है और शासन की नीतियों एवं नियमों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी कंपनी किसी भी तरह की अनियमितता में शामिल नहीं है और लगाए गए आरोप निराधार हैं।
MK Greens : सीएमडी मनोज शर्मा ने बताया कि मनीकवार रोड पर चल रहा उनका तीन एकड़ 14 डिसमिल का रिहायशी कॉलोनी प्रोजेक्ट, नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP) सहित ग्राम पंचायत तक के सभी आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्रों (NOCs) के साथ शुरू किया गया था। उन्होंने इन NOCs को प्रेस वार्ता में सार्वजनिक भी किया, ताकि कंपनी की पारदर्शिता साबित हो सके। शर्मा ने कहा कि उनके पास विद्युत विभाग और ग्राम सभा सहित अन्य सभी संबंधित विभागों की आवश्यक मंजूरियां मौजूद हैं, जो उनके प्रोजेक्ट की कानूनी वैधता को प्रमाणित करती हैं।
MK Greens : कंपनी ने दावा किया कि उन्होंने प्रोजेक्ट के तहत चिह्नित भूमि पर विकास कार्य समय से पूर्व ही पूरे कर लिए हैं। इनमें सड़क निर्माण, बिजली कनेक्शन की व्यवस्था, पानी की आपूर्ति, नाली निर्माण और पर्यावरण हितैषी वृक्षारोपण जैसे बुनियादी ढांचों का विकास शामिल है। कंपनी का उद्देश्य एक पूर्ण विकसित और रहने लायक कॉलोनी का निर्माण करना है, जहां सभी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध हों। यह दावा आरोपों की पृष्ठभूमि में कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
MK Greens : एमके ग्रीन्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी व्यावसायिक प्रक्रिया को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बात रखी। कंपनी का कहना है कि वे अपने ग्राहकों के साथ पूरी पारदर्शिता बरत रहे हैं। प्रोजेक्ट का हिस्सा बन रहे लोगों को पहले चिह्नित भूमि के भूखंडों में कब्जा दिया जा रहा है और उसके बाद ही संबंधित भूखंड की रजिस्ट्री कराई जा रही है। सीएमडी शर्मा ने कहा कि यह प्रक्रिया ग्राहकों का विश्वास जीतने और उन्हें किसी भी अनिश्चितता से बचाने के लिए अपनाई गई है।
निष्कर्ष रूप में, एमके ग्रीन्स प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी मनोज शर्मा ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित या भ्रामक बताते हुए खारिज किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से सभी वैधानिक दस्तावेज़ प्रस्तुत करके यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि कंपनी का प्रोजेक्ट सरकारी नियमों का 100% पालन करता है। कंपनी द्वारा अपनी सफाई में NOCs को सार्वजनिक करना, एक स्पष्ट संदेश देता है कि वे कानूनी रूप से मजबूत हैं और अपने ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।











