Shyam Shah Medical College : रीवा। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संजय गांधी, गांधी मेमोरियल (जीएम) और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सुरक्षा और सफाई का ठेका लेने वाली हाइट्स कंपनी के कर्मचारियों द्वारा मरीज और उनके परिजनों से अवैध वसूली का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार तो सिजेरियन डिलीवरी के बाद नवजात की मौत के बावजूद भी हाइट्स के कर्मचारियों को प्रसूता के परिजनों पर तरस नहीं आया।
स्ट्रेचर के लिए मांगी रिश्वत: हालिया मामला गांधी मेमोरियल अस्पताल के पोस्ट नेटल वार्ड का है। सीधी जिले के रामपुर नैकिन निवासी रजनीश रावत ने अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। 2 दिसंबर को महिला ने सिजेरियन से नवजात को जन्म दिया, लेकिन दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। शनिवार शाम जब महिला को छुट्टी मिली, तो पति रजनीश रावत और परिजन प्रसूता को पोस्ट नेटल वार्ड से एंबुलेंस तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान, हाइट्स कंपनी के कर्मचारियों ने स्ट्रेचर देने के एवज में उनसे चाय-नाश्ते के पैसे देने की मांग कर दी।
Shyam Shah Medical College : लगातार मिल रही हैं शिकायतें: विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगातार जीएम अस्पताल के प्रसव कक्ष में अवैध वसूली, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में महिला की मौत के बाद स्ट्रेचर न देने, और अब स्ट्रेचर के लिए पैसा मांगने जैसे मामलों का खुलासा किया गया है।
बौखलाए हाइट्स के जिम्मेदार: इन लगातार शिकायतों के खुलासे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कंपनी पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसकी जानकारी मिलते ही बौखलाए हाइट्स कंपनी के जिम्मेदार अपनी गलतियों को सुधारने की बजाय मामले का खुलासा करने वाले संस्थानों को नोटिस भेजने की गीदड़ भभकियां देने में जुट गए हैं।
Shyam Shah Medical College : प्रसूता के पति रजनीश रावत और परिजन रामकली ने इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोश व्यक्त किया है। अब देखना यह होगा कि हाइट्स कंपनी के कर्मचारियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अस्पताल प्रबंधन इस ठेका कंपनी के विरुद्ध कोई सख्त कार्रवाई करता है, या हमेशा की तरह सिर्फ नोटिस देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेता है।











