रायपुर : रायपुर: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को अदालत ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। 5 दिसंबर 2025 को अमित बघेल रायपुर के देवेंद्र नगर थाने में सरेंडर करने पहुंचे थे। 26 दिनों से फरार रहने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। उनके खिलाफ देश के 12 राज्यों में विभिन्न FIR दर्ज हैं।
अंतिम संस्कार में पुलिस का साथ
अमित बघेल की मां का 5 दिसंबर की सुबह निधन हो गया था। उनके पैतृक गांव पथरी में अंतिम संस्कार किया गया। अमित बघेल अपने मां के अंतिम संस्कार में शामिल हुए, और इस दौरान पुलिस भी उनके साथ मौजूद रही। बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। पुलिस की निगरानी में ही अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
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राजनीतिक विवाद और आपत्तिजनक बयान
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस से पहले रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति टूटने की घटना हुई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित बघेल ने 20 अक्टूबर को एक बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने सिंधी हिंदू समाज के देवता भगवान झूलेलाल के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इसके अलावा उन्होंने अग्रवाल समाज के संस्थापक महाराजा अग्रसेन, स्वर्गीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के प्रति भी विवादित टिप्पणियाँ की थीं।
कोर्ट की कार्रवाई और रिमांड
अमित बघेल को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस रिमांड के दौरान जांच जारी रहेगी और संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और राजनीतिक पृष्ठभूमि
अमित बघेल छत्तीसगढ़ में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। उनकी पार्टी और संगठन छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों को लेकर लगातार प्रदर्शन और बयानबाजी करते रहते हैं। इस गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।











