दुर्ग: जामुल थाना क्षेत्र में 14 नवंबर को हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपी करण साव के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार तड़के उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। आरोपी का मकान कैलाश नगर क्षेत्र में स्थित था, जहां सुबह से ही नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई के लिए पहुंची।
विकास प्रजापति पर हुई फायरिंग से मामला गर्माया
14 नवंबर की शाम 6:30 बजे जामुल के कैलाश नगर में बाइक सवार दो बदमाशों ने विकास प्रजापति पर फायरिंग की थी। गोली उसके दाहिने कान के पास से छूकर निकल गई और उसकी जान बच गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने जांच शुरू कर मुख्य आरोपी करण साव को बैकुंठ धाम, छावनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। साथ ही उसके पांच साथियों को भी पुलिस ने दबोच लिया, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
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निगम ने पहले ही जारी किया था नोटिस
भिलाई नगर निगम आयुक्त राजीव पांडेय ने बताया कि आरोपी द्वारा समृद्धि बाजार क्षेत्र में अवैध निर्माण किया गया था। यह क्षेत्र प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के प्रस्तावित निर्माण क्षेत्र में आता है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निगम ने पहले ही नोटिस दिया था। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद कार्रवाई की गई।निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में जहां-जहां अवैध निर्माण पाए जाएंगे, उन सभी पर इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहा मकान
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। टीम ने सुबह होते ही आरोपी के मकान के अतिरिक्त निर्माण और अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान आसपास के मोहल्लों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
परिजनों ने लगाया टारगेट करने का आरोप
करण साव के परिजनों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में कई अन्य अवैध मकान मौजूद हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उनके परिवार पर की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी अवैध निर्माणों पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा।









