नई दिल्ली: नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच भारत में सोना और चांदी लगातार दूसरे दिन तेज़ी के साथ ट्रेड हो रहे हैं। राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर ₹10 महंगा हुआ, जबकि पिछले दो दिनों में इसकी कुल बढ़त ₹660 तक पहुँच गई है। 22 कैरेट सोना भी ₹610 महंगा हो चुका है।
इसी तरह चांदी में भी उछाल देखने को मिला है। दिल्ली में चांदी आज ₹3,100 प्रति किलो बढ़कर ₹1,88,100 पर पहुँच गई है। चेन्नई में चांदी सबसे महंगी ₹1,96,100 प्रति किलो के भाव बिक रही है।
सोना-चांदी के रेट क्यों बढ़ रहे हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएँ बढ़ने से डॉलर कमजोर हुआ है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी पर हुआ है। सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए आर्थिक अनिश्चितता में इसकी मांग बढ़ जाती है।
शहर-दर-शहर गोल्ड रेट्स: कहाँ है सोना सबसे महंगा?
| शहर | 22 कैरेट (₹/10 ग्राम) | 24 कैरेट (₹/10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,19,760 | 1,30,640 |
| मुंबई | 1,19,610 | 1,30,490 |
| कोलकाता | 1,19,610 | 1,30,490 |
| चेन्नई | 1,20,710 | 1,31,680 |
| लखनऊ | 1,19,760 | 1,30,640 |
| पटना | 1,19,660 | 1,30,540 |
| जयपुर | 1,19,760 | 1,30,640 |
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
शादियों का सीजन चल रहा है, ऐसे में ज्वेलरी खरीदने वालों के खर्च बढ़ने तय हैं।
निवेश उद्देश्य से खरीदने वालों के लिए मार्केट एनालिस्ट सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं—
- सोना अभी तेजी के ट्रेंड में है, इसलिए लंबी अवधि के निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं
- अल्पकालिक मुनाफे के लिए अभी खरीदना थोड़ा जोखिमपूर्ण हो सकता है
- चांदी में भी आगे उछाल बने रहने के संकेत मिल रहे हैं
2026 में सोना कहाँ पहुँचेगा?
गोल्डमैन सैक्स के एक सर्वे में शामिल 70% वैश्विक संस्थागत निवेशकों का मानना है कि सोने की कीमतें आने वाले वर्षों में नई ऊँचाइयों को छू सकती हैं।
सर्वे के मुताबिक—
- 36% निवेशकों का अनुमान: सोना $5,000 प्रति औंस से ऊपर जा सकता है
- लगभग एक-तिहाई का मानना: $4,500–$5,000 के बीच रहेगा
- अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती इस तेजी को और बढ़ा सकती है
क्या चांदी भी तोड़ेगी रिकॉर्ड ?
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग बढ़ने और वैश्विक आर्थिक तनाव के कारण चांदी की कीमतों में भी लंबी अवधि में बढ़त देखने को मिलेगी। यह 2025–26 में नए रिकॉर्ड बना सकती है।











