hospital surprise inspection : कृष्णा नायक/सुकमा। सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने आज शुक्रवार को जिला चिकित्सालय सुकमा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली, संसाधनों की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का विस्तार से मूल्यांकन किया और स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डिस्ट्रिक्ट एकाउंट ऑफिसर (NHM) भास्कर चौधरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
आवश्यक उपकरण और दवाइयों की उपलब्धता पर जोर
कलेक्टर ध्रुव ने इंजेक्शन कक्ष में पेंटियम इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। तकनीकी सेवाओं पर ध्यान देते हुए, उन्होंने एक्स-रे यूनिट में एक्स-रे फिल्म, फिजियोथेरेपी सेवा सुनिश्चित करने और नेत्र शाखा में माइक्रोस्कोप की मरम्मत शीघ्र कराने का आदेश दिया। मरीजों को सस्ती दवाइयाँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जन औषधि केंद्र को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए।
hospital surprise inspection :
सीएचसी में सेवाओं के विस्तार और मरम्मत के आदेश
कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोंटा और दोरनापाल में जाकर मरीजों का उपचार करें। इसके अतिरिक्त, पेइंग वार्ड की मरम्मत CGMSC से शीघ्र कराने, डायलिसिस कक्ष में साफ-सफाई व रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने तथा नर्सिंग स्टेशन का निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
लैब, आयुष्मान कार्ड और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर सख्त निर्देश
कलेक्टर ध्रुव ने लैब सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए:
- लैब में प्रोटोकॉल चार्ट लगाने और जाँच रिपोर्ट समय सीमा के भीतर संबंधित डॉक्टर को भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा।
- इलेक्ट्रोलाइट मशीन के लिए रीजेंट और कार्ट्रिज, माइक्रोबायोलॉजी शाखा में इनक्यूबेटर, और ओटी के लिए निश्चेतना उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- आयुष्मान भारत योजना को गति देने हेतु जिला अस्पताल में दो ऑपरेटरों की तुरंत नियुक्ति के निर्देश दिए गए।
hospital surprise inspection
मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए, लेबर रूम में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के एमसीपी कार्ड व टीकाकरण दस्तावेजों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
उन्होंने निर्देश दिया कि एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में शासन द्वारा दिए गए सभी बिंदुओं को सही ढंग से लागू किया जाए, ताकि मरीजों को बिना देरी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।











