MP Weather/भोपाल : प्रदेश में ठंड का असर तेज हो गया है। लगातार गिरते तापमान ने कई शहरों में नवंबर माह के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रविवार को जहाँ रात का पारा नीचे गिरा, वहीं दिन में भी ठंडक महसूस की गई। राजधानी भोपाल, इंदौर और राजगढ़ सहित कई क्षेत्रों में शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
इंदौर में तो ठंड ने 50 साल पुराना रिकॉर्ड बराबर कर दिया, जबकि भोपाल का तापमान 84 साल पुराने रिकॉर्ड के करीब पहुँच गया है। ग्वालियर में भी न्यूनतम तापमान तीन साल पुराने स्तर पर लौट आया है।
देश के 10 सबसे ठंडे शहरों में भोपाल, इंदौर और राजगढ़
मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख शहर — भोपाल, इंदौर और राजगढ़ — इस समय देश के शीर्ष 10 सबसे ठंडे शहरों की सूची में शामिल हैं।राजगढ़ 6 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। वहीं भोपाल और इंदौर 6.4 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहे।मौसम विभाग ने बताया कि इन क्षेत्रों में तीव्र शीतलहर का असर है, जिसने ठंड को और बढ़ा दिया है।
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ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब पहुँचते तापमान
MP Weather मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगर भोपाल में तापमान 3 डिग्री और गिरता है, तो यह 30 नवंबर 1942 को दर्ज न्यूनतम तापमान 6.10 डिग्री की बराबरी कर लेगा।
इंदौर में भी तापमान 1975 के 6.40 डिग्री के 50 साल पुराने रिकॉर्ड तक पहुँच चुका है।राज्य में यह तीसरी बार है जब नवंबर महीने में तापमान इतना कम स्तर पर पहुँचा है —
1938: 5.6 डिग्री
1975: 6.4 डिग्री
2025: 6.4 डिग्री
13 शहरों में पारा 10 डिग्री के नीचे
प्रदेश के 13 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
भोपाल, राजगढ़, इंदौर, रीवा, जबलपुर, सीहोर और शाजापुर में तीव्र शीतलहर जबकि धार, नौगांव, दमोह, शिवपुरी और बैतूल में शीतलहर का प्रभाव देखने को मिला।
ग्वालियर में तीन साल पुराना रिकॉर्ड दोहराया
MP Weather ग्वालियर में ठंड ने फिर वही स्थिति बना दी है जो तीन साल पहले देखी गई थी।
16 नवंबर को न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री दर्ज किया गया।मौसम वैज्ञानिक AK शुक्ला ने बताया कि आने वाले दिनों में दिन और रात दोनों के तापमान में और गिरावट की संभावना है।
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पचमढ़ी से ज्यादा ठंड भोपाल–इंदौर में
दिलचस्प बात यह है कि मध्यप्रदेश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी इस बार भोपाल और इंदौर जितना ठंडा नहीं है।विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत और राजस्थान से आने वाली शुष्क ठंडी हवाएँ इन मैदानी इलाकों को अधिक प्रभावित कर रही हैं।राजस्थान पर बने प्रति-चक्रवात के कारण हवाओं का रुख लगातार उत्तर-पूर्वी दिशा में बना हुआ है, जिससे ठंड का प्रभाव और बढ़ गया है।विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 2–3 दिन यह ठंड अपनी तीव्रता बरकरार रखेगी।









