Sunday, September 20, 2026
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Journalist Mukesh Chandrakar : पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड : आरोपी दिनेश को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज

Journalist Mukesh Chandrakar : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड (Mukesh Chandrakar Murder Case) मामले में आरोपी दिनेश चंद्राकर को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने 11 नवंबर 2025 को आरोपी दिनेश चंद्राकर द्वारा दायर की गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले से जहां पीड़ित परिवार को राहत मिली है, वहीं आरोपी को अब सलाखों के पीछे ही रहना होगा। पीड़ित पक्ष की ओर से एडवोकेट प्रीतम सिंह ने कोर्ट में जमानत का जोरदार विरोध किया था।

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Journalist Mukesh Chandrakar :  डिनर के बहाने बुलाकर की गई थी नृशंस हत्या
यह सनसनीखेज मामला 1 जनवरी 2025 का है, जब बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर रहस्यमय तरीके से शाम से ही लापता हो गए थे। दो दिन बाद, यानी 3 जनवरी 2025 को, मुकेश का शव बीजापुर की चट्टानपारा बस्ती में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की प्रॉपर्टी में स्थित एक सेप्टिक टैंक के अंदर से बरामद हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पत्रकार मुकेश को डिनर के बहाने बुलाया था।

Journalist Mukesh Chandrakar :  लोहे की रॉड से हमला और शव को दफनाना
पुलिस के अनुसार, पत्रकार मुकेश पर चार आरोपियों ने मिलकर जानलेवा हमला किया था। हत्यारों ने लोहे की रॉड का इस्तेमाल करते हुए पत्रकार मुकेश के सिर, छाती, पेट और पीठ पर वार किया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हत्या करने के बाद, सबूतों को मिटाने के इरादे से आरोपियों ने मुकेश के शव को वहीं पास के एक सेप्टिक टैंक में दफना दिया था।

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SIT ने 75 दिनों की जांच के बाद पेश की थी चार्जशीट
इस नृशंस हत्याकांड के सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, उसका भाई रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित SIT (विशेष जांच दल) ने महज 75 दिनों की जांच के बाद 1200 से अधिक पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी।

कोर्ट में खारिज हुई जमानत याचिका
इस मामले में पुलिस पहले ही साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सभी चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। आरोपी दिनेश चंद्राकर ने निचली अदालत के बाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता प्रीतम सिंह ने कोर्ट में जोरदार विरोध करते हुए कहा कि जब पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और अपराध की प्रकृति गंभीर है, तो आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने दलीलों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है।

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