Ketan Agarwal Murder Case: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- महाराष्ट्र के पुणे में हुए केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने करीब 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश संजय हंगे को आरोपी बनाया गया है। तीनों फिलहाल जेल में हैं। पुलिस की चार्जशीट में हत्या की साजिश से लेकर आरोपियों की तैयारी और कथित प्लान बदलने तक कई बातें सामने आने का दावा किया गया है।पुलिस के मुताबिक, सिया का शुरुआती प्लान कथित तौर पर केतन की हत्या करना नहीं था। आरोप है कि वह पहले उसे इस तरह घायल करना चाहती थी कि वह दोबारा अपने पैरों पर खड़ा न हो सके। इसके लिए उसने कथित तौर पर कई लोगों से संपर्क किया और इस तरह की योजना को लेकर जानकारी जुटाई।
चार्जशीट के मुताबिक, सिया ने शुरुआत में केतन को मारने के बजाय उसे गंभीर रूप से घायल करने की योजना बनाई थी। पुलिस का दावा है कि उसका मकसद केतन को स्थायी रूप से अपाहिज करना था।इसके लिए कथित तौर पर अलग-अलग लोगों से बातचीत की गई और इसे अंजाम देने के तरीकों के बारे में जानकारी जुटाई गई। पुलिस के अनुसार, इस योजना को लागू करने के लिए एक बाहरी व्यक्ति से भी संपर्क किया गया था।
ब्लैकमेल के डर से बदला गया प्लान
पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, बाहरी व्यक्ति से काम कराने के विचार के साथ एक दूसरी चिंता भी थी। कथित तौर पर डर था कि काम पूरा होने के बाद वह व्यक्ति ब्लैकमेल कर सकता है।इसी आशंका के चलते अपाहिज करने की कथित योजना को आगे नहीं बढ़ाया गया। पुलिस के मुताबिक, जिस व्यक्ति से इस काम के लिए संपर्क किया गया था, वह बाद में पूछताछ के बाद सरकारी गवाह बन गया। उसके बयान को पुलिस ने जांच में महत्वपूर्ण माना है।
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फिल्मों और दूसरे क्राइम केस से ली गई जानकारी?
चार्जशीट में पुलिस ने आरोप लगाया है कि सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन ने हत्या से पहले अपराध से जुड़ी कई फिल्में देखीं और पॉडकास्ट सुने थे।पुलिस के अनुसार, सिया ने राजा रघुवंशी हत्याकांड के बारे में भी पढ़ा था। जांच एजेंसी का दावा है कि इस मामले की जानकारी लेने के बाद उसने कथित तौर पर अपने मामले की योजना को लेकर विचार किया।हालांकि, चार्जशीट में दर्ज पुलिस के दावों और अदालत में आरोपों के अंतिम रूप से साबित होने के बीच अंतर है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
लोहागढ़ किले को लेकर भी सामने आया दावा
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, कथित योजना को अंजाम देने के लिए लोहागढ़ किले को चुने जाने की एक वजह वहां हुई पुरानी दुर्घटना बताई गई है।पुलिस का दावा है कि पिछले साल वहां एक लड़की की दुर्घटना में मौत हुई थी और इसी तरह की घटना दिखाकर मामले को दुर्घटना का रूप देने का विचार था। हालांकि, पुलिस के अनुसार, कथित योजना के बावजूद मामला जांच एजेंसियों की नजर में आ गया।
100 से ज्यादा गवाह चार्जशीट में शामिल
केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच में पुलिस ने 100 से ज्यादा गवाहों को शामिल किया है। इनमें ऐसे गवाह भी हैं, जिन्हें पुलिस प्रत्यक्षदर्शी मान रही है।इन गवाहों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य जांच सामग्री के आधार पर पुलिस ने करीब 5,053 पन्नों की चार्जशीट तैयार की है।जांच में आरोपियों के बीच संपर्क और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है।
तीनों आरोपी जेल में बंद
पुलिस ने चार्जशीट में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश संजय हंगे को आरोपी बनाया है। तीनों फिलहाल जेल में हैं।चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पुलिस की ओर से चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और पेश किए गए साक्ष्यों पर अदालत में सुनवाई होगी।
Ketan Agarwal Murder Case में आगे क्या?
5,053 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने कथित साजिश, शुरुआती योजना, आरोपियों के बीच संपर्क और घटनाक्रम से जुड़े कई पहलुओं को दर्ज किया है। अब अदालत में यह तय होना बाकी है कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्य आरोपों को किस हद तक साबित करते हैं।फिलहाल सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश संजय हंगे पर लगाए गए आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अंतिम दोषसिद्धि अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी।






