Gandhi Sagar Cheetah News: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश में प्रोजेक्ट चीता को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। कूनो नेशनल पार्क के बाद अब गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को चीतों के दूसरे बड़े ठिकाने के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री मोहन यादव आज नीमच जिले के गांधी सागर क्षेत्र में मादा चीता CCB2 को जंगल में छोड़ेंगे।बोत्सवाना से भारत लाई गई CCB2 के गांधी सागर में छोड़े जाने के बाद अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर चार हो जाएगी। फिलहाल यहां दक्षिण अफ्रीका से लाए गए दो नर चीते प्रभास और पावक तथा कूनो से लाई गई मादा चीता धीरा मौजूद हैं।
गांधी सागर में बढ़ेगा चीतों का कुनबा
CCB2 के जंगल में छोड़े जाने के साथ ही गांधी सागर में चीतों की संख्या चार हो जाएगी। इसे प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।गांधी सागर को इस परियोजना के तहत इसलिए भी विकसित किया जा रहा है, ताकि कूनो के अलावा भारत में चीतों के लिए एक और सुरक्षित क्षेत्र तैयार किया जा सके। इससे आने वाले समय में चीतों के संरक्षण और उनकी संख्या बढ़ाने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
64 वर्ग किलोमीटर का सुरक्षित क्षेत्र तैयार
चीतों के लिए गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में करीब 64 वर्ग किलोमीटर का सुरक्षित क्षेत्र तैयार किया गया है। इस क्षेत्र में चीतों की निगरानी और सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।वन विभाग की ओर से बाड़े, निगरानी व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियां पूरी किए जाने की जानकारी दी गई है। चीतों को नए वातावरण में सुरक्षित तरीके से रखने के लिए क्षेत्र की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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दक्षिण अफ्रीका और कूनो से आए चीते
गांधी सागर में पहले से मौजूद चीतों में नर चीते प्रभास और पावक दक्षिण अफ्रीका से लाए गए हैं। वहीं मादा चीता धीरा को कूनो नेशनल पार्क से गांधी सागर लाया गया है।अब बोत्सवाना से लाई गई CCB2 भी इसी क्षेत्र का हिस्सा बनेगी। इस तरह गांधी सागर में अलग-अलग स्रोतों से लाए गए चीतों का कुनबा चार सदस्यों का हो जाएगा।
कूनो के बाद गांधी सागर पर फोकस
भारत में प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों के लिए नए सुरक्षित ठिकाने तैयार किए जा रहे हैं। कूनो नेशनल पार्क इस परियोजना का प्रमुख केंद्र है। अब गांधी सागर को भी चीतों के संरक्षण और विस्तार के लिए तैयार किया जा रहा है।गांधी सागर में चीतों की संख्या बढ़ना इस परियोजना के अगले चरण की ओर इशारा करता है। नए क्षेत्र में चीतों को बसाने के साथ उनके स्वास्थ्य, गतिविधियों और अनुकूलन पर भी निगरानी रखी जाएगी।
प्रोजेक्ट चीता का दायरा बढ़ाने की तैयारी
प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य भारत में चीतों की आबादी को फिर से स्थापित करना और उनके लिए सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र विकसित करना है। इसके लिए अलग-अलग राज्यों में उपयुक्त क्षेत्रों को तैयार करने पर काम किया जा रहा है।गांधी सागर को दूसरे प्रमुख चीता ठिकाने के रूप में विकसित किए जाने से मध्य प्रदेश में इस परियोजना का दायरा और बढ़ेगा। अब CCB2 के जंगल में छोड़े जाने के बाद यहां मौजूद चारों चीतों की निगरानी महत्वपूर्ण होगी।