नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके ने पूरे देश को दहला दिया है। अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटना को लेकर अभी भी कई सवाल और कनेक्शन सामने आ रहे हैं, जिनकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत कई केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। शुरुआती रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि हमले की योजना लंबे समय से तैयार की जा रही थी।
पुलवामा कनेक्शन: कई हाथों में घूमी ‘ब्लास्ट कार’
Delhi Red Fort Blast जांच में सामने आया है कि जिस हुंडई i20 कार (HR26CE7674) में विस्फोट हुआ, उसे हाल के महीनों में कई बार खरीदा–बेचा गया था। कार की अंतिम ‘ट्रेल’ जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी तारिक तक पहुंची।
कई फर्जी दस्तावेजों के जरिए कार की बिक्री का शक जताया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या कार का इस्तेमाल धमाका करने के लिए जानबूझकर पुलवामा नेटवर्क के माध्यम से किया गया था या यह महज संयोग है।
फरीदाबाद कनेक्शन: गिरफ्तार डॉक्टरों से मिला भारी विस्फोटक
धमाके की जांच ने हरियाणा के फरीदाबाद की ओर भी इशारा किया है। कुछ दिन पहले फरीदाबाद पुलिस ने दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 300 किलो अमोनियम नाइट्रेट, कई डेटोनेटर्स और हथियार बरामद हुए थे।
Delhi Red Fort Blast पूछताछ में उनका एक साथी, डॉक्टर उमर, भी सामने आया था जो फरार चल रहा था। पुलिस को शक है कि यही उमर दिल्ली धमाके में शामिल हो सकता है या उसके नेटवर्क का हिस्सा रहा होगा। फरीदाबाद केस और दिल्ली ब्लास्ट के बीच समानता मिलने से दोनों मामलों को अब एक ही एंगल से देखा जा रहा है।
अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल होने की पुष्टि
दिल्ली ब्लास्ट की शुरुआती फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आया है कि विस्फोटक सामग्री में अमोनियम नाइट्रेट मौजूद था। यह केमिकल आसानी से उपलब्ध हो जाता है और कृषि व औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में उपयोग होता है। यही वजह है कि आतंकी संगठन इसे बड़े धमाकों के लिए अक्सर इस्तेमाल करते रहे हैं।
- फरीदाबाद में 1000 पुलिसकर्मी तैनात, कई जगह सर्च ऑपरेशन
- दिल्ली धमाके के बाद फरीदाबाद में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है।
- धौज और फतेहपुर तगा गांवों में तलाशी अभियान चल रहा है।
- अलफलाह मेडिकल कॉलेज में भी सर्च ऑपरेशन जारी है।
- कुल 1000 से अधिक पुलिसकर्मी, क्राइम ब्रांच व रिज़र्व पुलिस इस कार्रवाई का हिस्सा हैं।











