Naxalite leader : सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज (10 नवंबर) सुकमा जिले के दो सबसे बड़े नक्सली नेताओं, माड़वी हिड़मा और बारसे देवा, के परिजनों से मुलाकात की। यह मुलाकात सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चिमलीपेंटा के आश्रित ग्राम पुवर्ती में हुई, जो इन दोनों नक्सली लीडरों का पैतृक गांव है।
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नक्सल नेताओं की माताओं से व्यक्तिगत अपील
आज सुबह 10:30 बजे, शासन और प्रशासन की एक बड़ी टीम ग्राम पुवर्ती पहुंची। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हिड़मा की माता श्रीमती माड़वी पुंजी और बारसे देवा की माता श्रीमती बारसे सिंगे से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। शर्मा ने दोनों माताओं के माध्यम से अपने बेटों को पुनर्वास के लिए वापस लौटने की अपील की। उन्होंने सरकार की तरफ़ से आश्वासन दिया कि पुनर्वास करने पर सरकार उनका पूरा ध्यान रखेगी और उन्हें सामान्य जीवन जीने में मदद करेगी।

माताओं ने भी बेटों से की वापसी की अपील
इस भावुक मुलाकात के बाद, नक्सल लीडरों की माताओं ने भी वीडियो जारी कर अपने बेटों माड़वी हिड़मा और बारसे देवा से मुख्यधारा में लौटने और पुनर्वास करने का आग्रह किया है। सरकार का यह कदम मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और नक्सल नेताओं को बातचीत की मेज पर लाने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। सरकार अब उनके परिवार के माध्यम से पुनर्वास के प्रयासों को तेज कर रही है।
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उच्च-स्तरीय टीम रही उपस्थित
इस महत्वपूर्ण पहल के दौरान उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ प्रशासन की उच्च-स्तरीय टीम मौजूद रही। टीम में बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, बस्तर आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर सुकमा देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चौहान के साथ ही पुवर्ती के ग्रामवासी भी उपस्थित थे। यह संयुक्त प्रयास यह दर्शाता है कि राज्य सरकार नक्सल समस्या के समाधान के लिए सुरक्षात्मक और पुनर्वास आधारित दोनों तरह की रणनीतियों पर काम कर रही है।











