जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को भावनाओं से झकझोर दिया। यहां एक मां ने अपने बेटे को खोने के कुछ ही मिनट बाद खुद भी दम तोड़ दिया। दोनों की एक साथ उठी अर्थियों ने पूरे गांव को रोने पर मजबूर कर दिया। हर तरफ सिर्फ एक ही बात सुनाई दे रही थी—“मां-बेटा एक-दूसरे के बिना जी नहीं पाए।”
बेटे की बिगड़ती हालत से अनजान थी मां
रेढ़र थाना क्षेत्र के बुढ़ावली गांव के 39 वर्षीय हरीप्रकाश याज्ञिक उर्फ़ छौना अपने बड़े भाई हरीशंकर के साथ माधौगढ़ में रहकर हेयर कटिंग सैलून चलाते थे। बीते गुरुवार की दोपहर अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ। भाई हरीशंकर उन्हें पहले स्थानीय सीएचसी, फिर जिला अस्पताल और अंत में झांसी मेडिकल कॉलेज तक ले गए, लेकिन रात होते-होते हरीप्रकाश की स्थिति बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उधर गांव में बैठी उनकी 72 वर्षीया मां किशोरी देवी को इस बात की बिल्कुल खबर नहीं थी कि उनका बेटा अब कभी घर लौटने वाला नहीं है। वह लगातार भगवान से यही प्रार्थना कर रही थीं कि उनका छौना जल्दी ठीक होकर घर लौट आए।
बेटे का शव देखते ही टूट गया मां का दिल
बीते शुक्रवार देर शाम जैसे ही हरीप्रकाश का शव गांव पहुंचा, घर में चीख-पुकार मच गई। सबसे आगे दौड़ती हुई मां किशोरी देवी अपने बेटे तक पहुंचीं। बेटे के निर्जीव चेहरे को देखते ही वह फफक कर रोने लगीं। परिवारजन उन्हें संभालते उससे पहले ही अचानक उनकी सांसें फूलने लगीं और वह जमीन पर गिर पड़ीं। तुरंत उन्हें सीएचसी ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि मां को भी दिल का दौरा पड़ा था और वह इस सदमे को सहन नहीं कर सकीं। बेटे के कुछ ही मिनट बाद मां ने भी दुनिया छोड़ दी।
गांव वालों का कहना है—
“किशोरी देवी की जान हरीप्रकाश में थी। बेटे का चले जाना उन्होंने बर्दाश्त ही नहीं किया।”
पूरा परिवार बदहवास, गांव में पसरा मातम
मां-बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। बड़े बेटे हरीशंकर, भानू प्रकाश और बहुएँ लगातार बेहोश होती जा रही हैं। पोते हवलदार और आर्यन का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में पहली बार ऐसा मर्मस्पर्शी दृश्य देखने को मिला जब एक ही घर से दो अर्थियां एक साथ उठीं। अंतिम संस्कार के दौरान पूरा गांव रो पड़ा।
पुलिस ने की पुष्टि
कोतवाली प्रभारी बिकेश कुमार ने बताया कि दोनों की मौत हार्ट अटैक से हुई है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।











