Janata Congress Chhattisgarh (J) : रायपुर। छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी को शनिवार सुबह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने और ‘मिनी माता भवन’ नाम की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध करने से रोक दिया गया। पुलिस ने उन्हें उनके जोगी निवास (9 सीएम हाउस रोड, सिविल लाइन्स, रायपुर) पर ही नजरबंद कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, रायपुर पुलिस का दल — जिसमें सिटी एसपी रमाकांत साहू और टीआई दीपक कुमार पासवान शामिल थे — सुबह उनके निवास पहुंचा और बाहर निकलने से पहले ही रोक दिया। जब जोगी ने रोकने का कारण पूछा तो पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें “सरकार के निर्देशों” का पालन करना है और “किसी भी व्यक्ति को काले कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है।”
यह कार्रवाई उस अवधि के समाप्त होने के बाद की गई जिसमें जोगी ने विधानसभा अध्यक्ष, राज्य सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय को नए विधानसभा भवन का नाम ‘मिनी माता भवन’ रखने के लिए समय दिया था।
अमित जोगी ने कहा, “हम किसी भी अप्रिय घटना से बचना चाहते थे, इसलिए हमने घर पर प्रार्थना और उपवास का निर्णय लिया। हम ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि सत्ता में बैठे लोग विरोधी आवाजों को दबाने के बजाय उन्हें सुनने का साहस जुटाएँ।”
स्थापना दिवस की भावना को बरकरार रखते हुए जोगी ने अपने घर पर तैनात करीब 30 पुलिसकर्मियों को मिठाई खिलाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा, “यह कोई राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक विरोध है। यह छत्तीसगढ़ की आत्मा की रक्षा का संघर्ष है। लोकतंत्र में यदि काले कपड़े पहनना अपराध माना जाए तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने आगे कहा कि “बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध और एकत्र होने का अधिकार पवित्र है। सत्ता में बैठे लोगों को जनता की आवाज सुननी चाहिए, उसे कुचलना नहीं चाहिए।”
यह घटना राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों और असहमति के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जोगी समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई आंदोलन की भावना को दबाने के बजाय उसे और मजबूत करेगी।









