Rahul Gandhi : नई दिल्ली:कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने बार-बार होने वाले विदेश दौरों को लेकर लगातार राजनीतिक चर्चा में रहते हैं। अक्सर ये यात्राएं ऐसे समय पर होती हैं जब देश में अहम चुनाव या पार्टी के बड़े कार्यक्रम चल रहे होते हैं। यही वजह है कि बीजेपी उन्हें तंज कसते हुए पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन कहती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी सचमुच हर चुनाव से पहले विदेश चले जाते हैं, या यह सिर्फ राजनीतिक आरोप हैं?
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Rahul Gandhi : बिहार चुनाव से पहले विदेश दौरा
Rahul Gandhi : हाल ही में बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पूरी करने के कुछ समय बाद राहुल गांधी दक्षिण अमेरिका के चार देशों के दौरे पर गए। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने बताया कि यह दौरा राजनीतिक और सामाजिक बातचीत के लिए था, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि राहुल गांधी कितने दिन बाहर रहेंगे।
Rahul Gandhi : बीजेपी ने इसे चुनावी समय में “गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए निशाना साधा। विपक्ष का तर्क था कि जब बिहार में महागठबंधन की सीट-बंटवारे की बातचीत चल रही थी, तब राहुल गांधी को देश में रहकर रणनीति पर ध्यान देना चाहिए था।
Rahul Gandhi : मलेशिया और लैटिन अमेरिका दौरों पर विवाद
Rahul Gandhi : बिहार की राजनीति के दौरान राहुल गांधी का कथित मलेशिया दौरा भी चर्चा में रहा। बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि “वोटर अधिकार यात्रा” खत्म होते ही राहुल गांधी छुट्टियां मनाने चले गए। हालांकि कांग्रेस ने इन दावों को अफवाह बताया।
Rahul Gandhi : भारत जोड़ो यात्रा के दौरान फैले भ्रम
Rahul Gandhi : भारत जोड़ो यात्रा के वक्त भी विपक्ष ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी यात्रा बीच में छोड़कर विदेश चले गए हैं। लेकिन फैक्ट-चेक में यह दावा **गलत साबित हुआ। दरअसल राहुल जयपुर में राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने गए थे, जहां सोनिया गांधी भी मौजूद थीं।
Rahul Gandhi : विधानसभा चुनावों के बाद विदेश यात्रा के दावे
दिसंबर 2023 में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार के बाद खबरें आईं कि राहुल गांधी दक्षिण-पूर्व एशिया जाने वाले हैं। कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि यह दौरा पहले से तय था, लेकिन इंडिया गठबंधन में बढ़ती असहजता के कारण इसे रद्द कर दिया गया। पार्टी ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया।
Rahul Gandhi : पुराने दौरों पर भी उठे सवाल
दिसंबर 2021: राहुल गांधी इटली गए, जब कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारियां चल रही थीं।
2019: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोध के दौरान वे **दक्षिण कोरिया** के दौरे पर थे।
2018: कर्नाटक चुनाव नतीजों के तुरंत बाद वे सोनिया गांधी के साथ विदेश गए, जिससे सरकार गठन में देरी हुई।
Rahul Gandhi : वियतनाम दौरा बना विवाद का केंद्र
2024 में राहुल गांधी के वियतनाम दौरे को लेकर भी विवाद हुआ। बीजेपी ने आरोप लगाया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र से ज़्यादा समय विदेश में बिता रहे हैं। यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद भी राहुल गांधी के विदेश में होने पर बीजेपी ने उन्हें घेरा। कांग्रेस ने सफाई दी कि यह “निजी यात्रा” थी।
Rahul Gandhi : संसद में पेश आंकड़े
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2015 से 2019 के बीच राहुल गांधी ने कुल 247 विदेशी यात्राएं कीं — यानी हर साल औसतन 60 से अधिक। इनमें वे यात्राएं शामिल नहीं थीं जिनमें एसपीजी सुरक्षा कवर नहीं था, जिससे संकेत मिलता है कि वास्तविक संख्या इससे भी अधिक हो सकती है।
Rahul Gandhi : राहुल गांधी के विदेशी दौरों पर सियासी बहस नई नहीं है। कुछ मौके ऐसे रहे जब वे सचमुच विदेश गए, जबकि कई बार उनके दौरे को लेकर राजनीतिक अफवाहें फैलीं। बीजेपी इसे कांग्रेस की कमज़ोर रणनीति का प्रतीक बताती है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी के दौरे राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय संवाद** का हिस्सा हैं, न कि छुट्टियां।













