SIP Funds : नई दिल्ली। अगर आप म्यूचुअल फंड में SIP करते हैं या करने की सोच रहे हैं, तो हाल ही में चर्चा में आए 7-5-3-1 रूल के बारे में जानना जरूरी है। यह कोई जटिल फॉर्मूला नहीं है, बल्कि एक आसान निवेश गाइडलाइन है जो बताती है कि SIP में पैसा कितने समय तक लगाना चाहिए, किस तरह का फंड चुनना चाहिए और रिटर्न को लेकर क्या उम्मीद रखनी चाहिए। SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान का मकसद धीरे-धीरे पैसे लगाकर लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना होता है। कई निवेशक बीच में ही SIP बंद कर देते हैं क्योंकि उन्हें सही टाइमफ्रेम और रिटर्न की उम्मीद का अंदाजा नहीं होता, और यही गलती 7-5-3-1 रूल दूर करता है।
क्या है 7-5-3-1 रूल : यह रूल निवेशकों को अलग-अलग फंड और उनके रिटर्न की उम्मीद के हिसाब से बेसिक समझ देता है –
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7 साल: अगर आप इक्विटी या डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड में SIP कर रहे हैं, तो कम से कम 7 साल तक निवेश बनाए रखें। इतने समय में बाजार के उतार-चढ़ाव का असर संतुलित हो जाता है और रिटर्न स्थिर होने लगते हैं।
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5 साल: हाइब्रिड या बैलेंस्ड फंड में निवेश के लिए कम से कम 5 साल जरूरी है। इसमें इक्विटी और डेट दोनों का मिक्स होता है, इसलिए मीडियम-टर्म में भी अच्छा रिटर्न मिलता है।
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3 साल: डेट या शॉर्ट-टर्म बॉन्ड फंड में निवेश के लिए तीन साल का समय पर्याप्त है। ये फंड तुलनात्मक रूप से सुरक्षित माने जाते हैं।
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1 साल: अल्ट्रा शॉर्ट या लिक्विड फंड के लिए एक साल या उससे कम का टाइम पीरियड ठीक रहता है। इनका इस्तेमाल आमतौर पर कैश पार्किंग या इमरजेंसी जरूरतों के लिए किया जाता है।
SIP Funds क्यों जरूरी है यह रूल : निवेश में सबसे बड़ी गलती होती है अधीरता। कई निवेशक कुछ महीनों में ही SIP बंद कर देते हैं या मुनाफा दिखते ही पैसा निकाल लेते हैं। 7-5-3-1 रूल निवेश को सही समय की समझ देता है और बताता है कि कौन-सा फंड कितने समय में बेहतर रिटर्न देगा। यह निवेशकों को फाइनेंशियल डिसिप्लिन सिखाता है और जोखिम को संतुलित करता है क्योंकि हर निवेशक अपनी जरूरत और समय सीमा के मुताबिक फंड चुन सकता है।
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रिटर्न की उम्मीद : लंबी अवधि में SIP पर औसतन 10 से 14 प्रतिशत तक वार्षिक रिटर्न देखने को मिलता है, खासकर इक्विटी फंड में। 7-5-3-1 रूल यह सुनिश्चित करता है कि निवेशक इस रेंज में टिके रहें और मार्केट के छोटे उतार-चढ़ाव में घबराकर निवेश बंद न करें।
निवेशकों के लिए संदेश: यह रूल बताता है कि जल्दी मुनाफे की बजाय लंबी अवधि की सोच अपनाना ज्यादा फायदेमंद होता है। समय के साथ-साथ सही फंड और अनुशासन से निवेशक अपनी वित्तीय सुरक्षा और लक्ष्य दोनों हासिल कर सकते हैं। SIP के जरिए नियमित निवेश और सही समय सीमा का पालन करके आप लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं।













