Saturday, August 15, 2026
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Chhoti Diwali : यमराज की पूजा से मिलती है अकाल मृत्यु से रक्षा और पापों से मुक्ति की राह

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Chhoti Diwali : नई दिल्ली : नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) पर पूजा का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, चतुर्दशी तिथि 19 अक्टूबर 2025, शनिवार की दोपहर 01 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की दोपहर 03 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। इस दौरान अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर की सुबह 05 बजकर 02 मिनट से लेकर 06 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इसके लिए आपको 1 घंटे 8 मिनट का समय मिलेगा।

Chhoti Diwali  : नरक चतुर्दशी पर यमराज की पूजा अकाल मृत्यु से बचाव और पापों से मुक्ति के लिए की जाती है, जबकि हनुमान जी की पूजा बुरी शक्तियों से रक्षा, बल और संकटों के निवारण के लिए की जाती है। यमराज की पूजा शाम को यम दीपदान करके की जाती है, वहीं हनुमान जी की पूजा सुबह स्नान के बाद विधि-विधान से की जाती है।

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Yamdev

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यमराज की पूजा
उद्देश्य: यमराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और जीवन में दीर्घायु की प्राप्ति होती है। यह नरक के कष्टों से मुक्ति दिलाने में सहायक होती है।
कब करें: शाम को प्रदोष काल में यम दीपदान किया जाता है, जिसमें दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के लिए दीपक जलाया जाता है।

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हनुमान जी की पूजा
उद्देश्य: हनुमान जी की पूजा करने से बुरी शक्तियों, नकारात्मक ऊर्जा और संकटों से सुरक्षा मिलती है, क्योंकि वे संकटमोचन हैं। इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि हनुमान जी का जन्म इसी दिन हुआ था, इसलिए इस दिन उनकी पूजा फलदायक होती है।
कब करें: सुबह स्नान के बाद विधि-विधान से पूजा की जाती है। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी इस दिन महत्वपूर्ण माना जाता है।

दोनों की पूजा क्यों?
एक ही दिन: नरक चतुर्दशी के दिन यमराज की पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की पूजा करना भी धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।
विभिन्न कारण: यमराज की पूजा मृत्यु के भय को दूर करने के लिए है, जबकि हनुमान जी की पूजा जीवन में आने वाले संकटों से मुक्ति पाने और बुरी शक्तियों को दूर भगाने के लिए है।

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