नई दिल्ली। धनतेरस या धन त्रयोदशी का त्योहार कल यानी 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कुबेर, भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। इसके अलावा यमराज की भी पूजा का विधान है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन या अन्य धातुओं की खरीदारी का भी विशेष महत्व है।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 16 मिनट से रात 9 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5 बजकर 48 मिनट से रात 8 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। खरीदारी के लिए अमृत काल सुबह 8 बजकर 50 मिनट से 10 बजकर 33 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक और लाभ उन्नति चौघड़िया दोपहर 1 बजकर 51 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक शुभ माना गया है।
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धन्वंतरि की पूजा के लिए मूर्ति को घर के उत्तर पूर्व दिशा में स्थापित करें, दीपक जलाएं और धूप, फूल, अक्षत, हल्दी-कुमकुम अर्पित करें। इस दौरान ‘ॐ धन्वंतराये नमः’ मंत्र का जप करना चाहिए।
मां लक्ष्मी की पूजा सौभाग्य, धन और समृद्धि के लिए की जाती है। घर को साफ करें, दीपक और फूल से रंगोली बनाएं और ‘ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ’ मंत्र का जाप करें।
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भगवान कुबेर की पूजा के लिए सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें, पूजा स्थान को स्वच्छ करें और चौकी पर कुबेर जी की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। दीपक जलाकर चंदन का तिलक करें और धूप, फूल, फल तथा नैवेद्य (जैसे खीर) अर्पित करें। मंत्रों में ‘ॐ लक्ष्मी कुबेराय नमः’ या ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः’ का जाप लाभकारी माना गया है।













