सिंगरौली — जिले के मुहेर क्षेत्र में कोयला खदान के पास लगातार की जा रही ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि खदान से महज 100 मीटर की दूरी पर कलिंगा कंपनी द्वारा की जा रही ब्लास्टिंग के कारण कई घरों में दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। प्रतिदिन ब्लास्टिंग के समय इतनी तीव्र कंपन होती है कि पक्के मकानों की दीवारें हिल जाती हैं और दरवाजे-खिड़कियां जोर से टकराने लगती हैं। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में भय व्याप्त है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार कंपनी प्रबंधन को लिखित और मौखिक शिकायतें की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ब्लास्टिंग की दूरी तय मानकों के अनुसार नहीं रखी जा रही है और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन भी नहीं किया जा रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी की मनमानी और प्रशासन की चुप्पी से उनकी जानमाल खतरे में है।
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नियमों की खुलेआम अनदेखी
खनन एवं ब्लास्टिंग नियमों के अनुसार आबादी से निर्धारित दूरी पर ही ब्लास्टिंग की अनुमति होती है। मुहेर क्षेत्र में यह नियम खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। दिनदहाड़े अवैध ब्लास्टिंग से क्षेत्र में लगातार भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों की मांग और चेतावनी
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से आग्रह किया है कि इस अवैध ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए और प्रभावित घरों का सर्वे कर नुकसान की भरपाई कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। जिला कलेक्टर और उच्च अधिकारियों से उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।













