नई दिल्ली, 03 अक्टूबर 2025: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट में बच्चों पर अपराधों में 9.2% की वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार 2023 में बच्चों से जुड़े कुल 1.77 लाख मामले दर्ज किए गए, जिनमें से आधे मामले किडनैपिंग के हैं, जबकि POCSO एक्ट के तहत मामलों की संख्या 38.2% है।
देश में कुल अपराध दर में भी 7.2% की वृद्धि हुई है। 2023 में भारत में कुल 62,41,569 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए, जिनमें से 37,63,102 मामले भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत और 24,78,467 मामले विशेष एवं स्थानीय कानूनों (SLL) के तहत हैं। 2022 की तुलना में यह संख्या 4,16,623 अधिक है।
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प्रति लाख जनसंख्या अपराध दर 2022 में 422.2 थी, जो 2023 में बढ़कर 448.3 हो गई। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालने और चोरी के मामलों में वृद्धि हुई है। मोटर वाहन अधिनियम उल्लंघनों में भी लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।
पुलिस ने 53,61,518 मामलों का निपटारा किया, जिनमें से 72.7% मामलों में आरोप-पत्र दाखिल किए गए। NCRB ने बच्चों की सुरक्षा को गंभीर चिंता का विषय बताया और सभी स्तरों पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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क्राइम विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़ने का प्रमुख कारण अपराधियों का परिचित होना और घर, स्कूल व डिजिटल माध्यमों से उन्हें निशाना बनाना है।













