रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए 10 नए पंजीयन कार्यालय शुरू किए जा रहे हैं। राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे रजिस्ट्री क्षेत्र में ‘नई क्रांति’ बताया है। इन नए कार्यालयों में आम लोगों के लिए फ्री वाई-फाई और बेहतर बैठने की सुविधा जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं होंगी। इन स्मार्ट कार्यालयों में से पहला सेंटर नवा रायपुर में आज (मंगलवार, 30 सितंबर 2025) शुरू हो रहा है।
पासपोर्ट दफ्तर की तर्ज पर होगी रजिस्ट्री
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि ये नए पंजीयन कार्यालय भारत सरकार के मॉडल के अनुरूप तैयार किए गए हैं। नवा रायपुर में ‘स्मार्ट पंजीयन कार्यालय’ का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि जमीन रजिस्ट्री के लिए पासपोर्ट दफ्तर की तर्ज पर रिफॉर्म किया जाएगा।
पीपीपी मॉडल पर ऑनलाइन रजिस्ट्री: ये स्मार्ट कार्यालय सरकारी रजिस्ट्री कार्यालय के साथ-साथ चलेंगे और पीपीपी (PPP) बेस मॉडल के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा देंगे।
तेज प्रक्रिया: सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया महज 15 से 20 मिनट में पूरी हो जाएगी।
कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: इन स्मार्ट कार्यालयों में वही पंजीयन शुल्क लिया जाएगा जो साधारण रजिस्ट्री कार्यालय में लिया जाता है, इसके लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा।
सीजीपीएससी मामले पर बोले वित्त मंत्री
वहीं, सीजीपीएससी (CGPSC) गड़बड़ी मामले पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस मामले के दोषियों को जेल भेजा जा रहा है और युवाओं को न्याय मिल रहा है। उन्होंने दोहराया कि मोदी की गारंटी में सीबीआई जांच का जो वादा किया गया था, उसे उनकी सरकार ने पूरा किया है।











