Heera Group : रायपुर:सिलतरा स्थित हीरा ग्रुप के गोदावरी पावर एंड स्टील लिमिटेड के पेलेट प्लांट में हुए हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा की पोल खोल दी है। शुक्रवार को सुरक्षा में भारी चूक के चलते गर्म लोहा गिरने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
Heera Group : लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या 46-46 लाख रुपये का मुआवजा इन जिंदगियों की भरपाई कर सकता है? क्या इस बार भी सबक लिए बिना फाइलें बंद कर दी जाएंगी?
Heera Group : एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन क्या कार्रवाई होगी?
Heera Group : पुलिस ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धारा 289 व बीएनएस की धारा 106(1) के तहत एफआईआर दर्ज की है। प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
Heera Group : क्या बड़े उद्योगों को नियमों की अनदेखी की खुली छूट मिली हुई है?
Heera Group : हादसे के बाद घिरे हीरा ग्रुप ने बयान जारी कर कहा कि पीड़ित परिवारों को 46 लाख रुपये मुआवजा और एक परिजन को नौकरी दी जाएगी। जिनके पास योग्य सदस्य नहीं हैं, उन्हें 62 वर्ष की आयु तक पेंशन और बच्चों को शिक्षा की जिम्मेदारी देने की बात भी कही गई है। लेकिन यह योजना पहले क्यों नहीं बनाई गई? क्यों नहीं हुई मशीनों की समय-समय पर जांच?
Heera Group : 5 हज़ार से ज्यादा मजदूर, लेकिन सुरक्षा राम भरोसे?
Heera Group : गोदावरी प्लांट में 5000 से अधिक मजदूर काम करते हैं, जिनमें कई को गर्म लोहे की भट्टियों और ब्लास्ट फर्नेस के पास काम करना पड़ता है। मजदूरों का आरोप है कि न सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं, न समय पर मशीनों की जांच होती है। क्या यह खुला श्रम कानूनों का उल्लंघन नहीं है?
Heera Group : मंत्री की चेतावनी, लेकिन क्या असर होगा?
Heera Group : राज्य के उद्योग और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सख्त लहजे में कहा है कि “अब अधूरी रिपोर्ट नहीं चलेगी। हर महीने की रिपोर्ट के आधार पर फैक्ट्रियों की जांच होगी और पुराने मामलों की भी समीक्षा की जाएगी।
Heera Group : लेकिन यही सवाल फिर खड़ा होता है क्या यह चेतावनी सिर्फ कैमरे के सामने तक सीमित है? क्या पिछली चेतावनियों का कोई असर हुआ?
Heera Group : टर्नओवर बढ़ा, पर मशीनें जर्जर ही रहीं
Heera Group : उद्योगों का टर्नओवर बढ़ता गया, लेकिन फैक्ट्रियों का इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा मानक वहीं के वहीं रह गए। 20-30 साल पुरानी मशीनों पर काम कर रहे मजदूरों की ज़िंदगी कब तक जोखिम में रहेगी?
Heera Group : राजनीतिक मांगें तेज़: कांग्रेस ने मांगा 1 करोड़ का मुआवजा
Heera Group : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नारायणा अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और कहा कि प्रथम दृष्टया यह लापरवाही का गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की कि मृतकों को 1 करोड़,घायलों को 50 लाख मुआवजा दिया जाए। साथ ही कंपनी प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
Heera Group : इस मामले की गंभीरता से उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस मामले में संबंधित विभागों को साफ कहा है कि उद्योगों में सुरक्षा व्यवस्था की अधूरी रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उन सभी पिछली रिपोर्ट की रिव्यू की जाएगी, जिसमें सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विभागीय बैठक आयोजित की गई थी। फैक्ट्रियों में हादसों को रोकने के लिए विभागीय कार्ययोजना भी बनाई जाएगी। जांच कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हर महीने की रिपोर्ट के आधार पर उद्योगों में सुरक्षा व श्रम कानूनों का पालन करवाया जाएगा।
Heera Group : अब भी न चेते तो अगली बारी किसकी?
Heera Group : गोदावरी इस्पात हादसा सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। क्या हम फिर से रिपोर्टों और फाइलों की खानापूर्ति में गुम हो जाएंगे? या इस बार कोई ठोस कार्रवाई होगी? कब तक मजदूर जान देकर टर्नओवर बढ़ाते रहेंगे और सिस्टम आंखें मूंदे रहेगा?
Heera Group : गर्म लोहा गिरने से 6 मजदूरों की मौत, गोदावरी इस्पात प्रबंधन पर केस दर्ज
Heera Group : सिलतरा स्थित गोदावरी पावर एंड स्टील लिमिटेड के पैलेट प्लांट में शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही के कारण गर्म लोहा गिरने से छह मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं। सिलतरा पुलिस चौकी में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धारा 289 और बीएनएस की धारा 106(1) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने प्रबंधन को नोटिस जारी कर पूछताछ शुरू कर दी है। विवादों में घिरी कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 46 लाख की आर्थिक सहायता और एक परिजन को नौकरी देने की घोषणा की है। हादसे को लेकर मजदूरों में भारी आक्रोश है।









