नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके में स्थित एक आलीशान कोठी, जो बाहर से मठ और मैनेजमेंट संस्थान जैसी दिखती थी, दरअसल ‘डर्टी गेम्स’ का अड्डा निकली। संचालक स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी (62 वर्ष) पर छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस एफआईआर के अनुसार, वह छात्राओं को अश्लील संदेश भेजता, जबरन छूता और धमकाता था।
छात्राओं की हिम्मत से खुला राज
संस्थान और हॉस्टल में बाबा का दबदबा इतना था कि स्टाफ भी कुछ बोलने की हिम्मत नहीं करता था। आखिरकार, छात्राओं ने अपनी शिकायतों की सूची सीधे वायुसेना मुख्यालय तक भेजी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और बड़ा खुलासा हुआ।
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फर्जीवाड़ा और शानो-शौकत
जांच में पता चला कि बाबा की लक्ज़री वोल्वो कार पर फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी थी। वह खुद को शिकागो यूनिवर्सिटी से एमबीए और पीएचडी धारक बताता था। लेकिन अब उसकी डिग्रियों और दावों की सच्चाई पर सवाल उठ रहे हैं।
कैसे चलता था ‘डर्टी गेम’
- आधी रात को छात्राओं को मैसेज: “बेबी, आई लव यू, आई अडोर यू”
- विरोध करने पर धमकी: “अटेंडेंस काट दूंगा, नंबर घटा दूंगा”
- त्योहारों पर लाइन में खड़ा कर जबरन छूना और रंग लगाना।
- हॉस्टल लॉबी और बाथरूम के बाहर तक सीसीटीवी कैमरों से नजर रखना।
बाबा अब भगोड़ा
कभी ठसक और दबदबे से भरा रहने वाला स्वामी चैतन्यानंद अब पुलिस से बचने के लिए शहर-शहर पहचान बदलकर भाग रहा है। दिल्ली पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।











