सिंगरौली। तहसील सिंगरौली ग्रामीण के ग्राम सिद्धीखुर्द में 60 ढिसमिल जमीन की बिक्री के मामले में फर्जी पावर ऑफ़ अटॉर्नी तैयार करने का आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता संतोष कुमार की रिपोर्ट पर सासन चौकी पुलिस ने आरोपी सुमन कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता संतोष कुमार, पिता रामलाल शाह, उम्र 47 वर्ष, निवासी सैरपुर, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ग्राम सिद्धीखुर्द की जमीन क्रमांक 769/1/3 व 769/2/4 कुल 60 ढिसमिल अपने चाचा भीष्म कुमार शाह से खरीदी थी।
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संतोष कुमार ने कहा कि अगस्त 2024 में आरोपी सुमन सिंह ने उनसे जमीन बिक्री के लिए संपर्क किया और 20 अगस्त 2024 को एग्रीमेंट कराया। लेकिन 20 जनवरी 2025 को उन्हें पता चला कि जमीन को फर्जी तौर पर 2012 का बिक्री नामा बनाकर और पावर ऑफ़ अटॉर्नी हावड़ा, पश्चिम बंगाल का बताकर बेच दिया गया।
शिकायत में आरोप है कि दस्तावेजों में आधार नंबर, हस्ताक्षर, फोटो और अंगूठा सभी फर्जी थे। आरोपी ने जमीन को रेनुकूट (सोनभद्र) निवासी रजनी सिंह को करीब 27 लाख 40 हजार रुपये में बेच दिया।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाया और आरोपी सुमन सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(3) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।
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सर्विस प्रोवाईडर और उप-पंजीयक पर गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस फर्जी रजिस्ट्री में सर्विस प्रोवाईडर सुनिल सिंह चौहान और उप-पंजीयक अशोक सिंह परिहार भी शामिल थे। संतोष कुमार का दावा है कि इन अधिकारियों ने फोन पर धमकी दी कि शिकायत करने पर उनकी जान को खतरा है।
पुलिस के एफआईआर में भी इन आरोपों का जिक्र है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि जमीन की बिक्री से होने वाला पैसा उन्हें नहीं मिला।











