गौरी शंकर गुप्ता -घरघोड़ा/लैलूंगा : लैलूंगा विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल-जल योजना का काम धीमी गति और घटिया गुणवत्ता के कारण प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ऋचा कंट्रक्सन कंपनी ने पाइपलाइन और नल-चेंबर निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया।
ग्रामीणों ने बताया कि कई जगह पाइपलाइन सड़क किनारे, बिना गहरी खुदाई और सुरक्षा के बिछाई गई हैं। किसी भी वाहन की चपेट में आने पर पाइप टूटने का खतरा है। वहीं, घरों तक पहुंचे नल और चेंबर भी पहले ही टूट चुके हैं। कई जगह टंकियां
बनाई गई हैं, लेकिन पानी की सप्लाई आज तक नहीं हुई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार, सरपंच और सचिव मिलकर घटिया कार्य को प्रमाणित कर राशि का बंदरबांट करते हैं। विभागीय अधिकारी भी इस पर आंखें मूंदे हैं।
गुनु निवासी श्याम सुंदर राठिया ने कहा, “पाइपलाइन आधी ज़मीन के ऊपर है, किसी भी दिन टूट सकती है। सरकार का पैसा बर्बाद हो रहा है और हमें पानी नहीं मिल रहा।”
वहीं, ग्रामीण महिला दिल्कुमारी ने कहा, “हमारे गांव में टंकी बनी, लेकिन पानी आज तक नहीं आया। बोरिंग तक नहीं हुई, सब कागज़ पर ही काम हो रहा है।”
ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासन और उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं। सवाल यह है कि कब होगी कार्रवाई और क्या ठेकेदारों तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्ती होगी, या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा।











