सिंगरौली, मध्य प्रदेश। MP NEWS : प्रदेश सरकार जहां आदिवासी बच्चों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं सिंगरौली जिले के जनजातीय कन्या आश्रम शाला लंघाडोल में छात्रावास के जिम्मेदारों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
MP NEWS : जानकारी के अनुसार, यहाँ रह रही मासूम बच्चियों के हाथों में किताब और कलम की जगह फोड़ा, तगाड़ी और हाशिया थमा दिया गया। ये बच्चियां पहली से पाँचवीं कक्षा तक की छात्राएँ हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी उम्र में शिक्षा और खेल पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन जिम्मेदारों की मनमानी के चलते उन्हें मजदूरी जैसे काम करवाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने इस पूरी घटना को मासूम बच्चियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है। इस मामले ने छात्रावास प्रबंधन की कार्यशैली और शिक्षा विभाग की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।













