Nitin Gadkari : हर महीने मेरे दिमाग की कीमत 200 करोड़: नितिन गडकरी ने बेटे के बिजनेस मॉडल पर दी सफाई

Sanjay Sahu
Nitin Gadkari

Nitin Gadkari : इथेनॉल को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा जवाब दिया है। नागपुर में एग्रीकोज वेलफेयर सोसाइटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ किसानों का भला करना है, न कि निजी कमाई। उन्होंने कहा, “आपको क्या लगता है कि मैं ये सब पैसों के लिए कर रहा हूं? मैं कोई दलाल नहीं हूं, ईमानदारी से कमाना जानता हूं।”

Nitin Gadkari : गडकरी ने कहा कि वह जो भी करते हैं, वह किसानों की भलाई के लिए है, और उसका उनके व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, “मेरा दिमाग ही हर महीने 200 करोड़ रुपये की कीमत का है। मेरे पास पैसे की कोई कमी नहीं है और मैं कभी नीचे नहीं गिर सकता।”

Nitin Gadkari : उन्होंने अपने बेटे के व्यापार को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। गडकरी ने कहा कि उनका बेटा इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का बिजनेस करता है और वे केवल उसे आइडिया देते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि उनका बेटा ईरान से 800 कंटेनर सेब मंगवा चुका है और भारत से 100 कंटेनर केले भेज चुका है। इसके अलावा गोवा से 300 कंटेनर मछलियां सर्बिया भेजी गईं।

Nitin Gadkari : उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने ऑस्ट्रेलिया में दूध के उत्पादों की एक फैक्ट्री लगाई है और अबू धाबी समेत अन्य देशों में कंटेनर भेजता है। साथ ही आईटीसी के साथ मिलकर वह 26 चावल मिलें भी संचालित करता है। गडकरी ने बताया, “मुझे हर साल पांच लाख टन चावल के आटे की जरूरत होती है, इसलिए वह मिल चलाता है और मैं उससे आटा खरीदता हूं।”

Nitin Gadkari : गडकरी ने स्पष्ट किया कि यह सब दिखाता है कि बिजनेस में रुचि रखने वाले लोग कृषि क्षेत्र में कैसे संभावनाएं तलाश सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और विदर्भ जैसे क्षेत्रों में किसानों की आत्महत्या की घटनाएं रोकना है।

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