CG Balod News : बिजली चोरी और विभागीय लापरवाही से किसान की मौत…

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CG Balod News : बालोद:- छत्तीसगढ़ में बालोद जिले के ग्राम पंचायत नवागांव थाना अर्जुन्दा में घटी दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। यहां किसान बीरेंद्र साहू की करंट से मौत हो गई, जिसका कारण बिजली विभाग की लापरवाही और शिक्षक द्वारा किए गए अवैध कनेक्शन को बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार किसान बीरेंद्र साहू अपने पिता कन्हैया साहू के साथ खेत की ओर जा रहे थे। चलते समय शिक्षक लोचन साहू द्वारा अवैध रूप से खींचा गया बिजली का तार, जो एंगल पर लटक रहा था और टूटा हुआ मोटर पंप से जुड़ा था, उनके शरीर से टकरा गया। झाड़ियों के बीच होने की वजह से यह तार दिखाई नहीं दे रहा था। तार से संपर्क होते ही बीरेंद्र करंट की चपेट में आ गए और जोरदार झटका लगने के बाद वहीं गिर पड़े। पिता कन्हैया साहू ने किसी तरह स्वयं को बचाया और घर पर सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से घायल को अर्जुन्दा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

CG Balod News : घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए सौदेबाजी की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यदि यही हादसा किसी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति के साथ होता तो तत्काल कार्रवाई होती, लेकिन किसान की मौत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में वर्षों से अवैध बिजली कनेक्शन खुलेआम चल रहे हैं। मोटर पंप और घरों में चोरी से बिजली खींची जाती है। कई बार शिकायतें की गईं लेकिन बिजली विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। विभाग की इसी उदासीनता ने आज एक परिवार की खुशियां छीन लीं। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध कनेक्शन न केवल सरकार के राजस्व को नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि लोगों की जिंदगी के लिए भी सीधा खतरा बन जाते हैं।

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बीरेंद्र साहू की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह खेती-किसानी पर निर्भर थे और उनकी अचानक मौत ने घर की आर्थिक स्थिति और बिगाड़ दी है। परिजन सदमे में हैं और गांव के लोग आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही और अवैध कार्य का परिणाम है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करेंगे।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी कई बार अवैध तारों से छोटे-मोटे हादसे हुए हैं, लेकिन विभाग ने कभी संज्ञान नहीं लिया। अब जब एक किसान की जान चली गई है तो जिम्मेदार अधिकारियों और अवैध कनेक्शन करने वाले व्यक्ति पर संगीन अपराध का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

मृतक किसान के परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी शिक्षक पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए, बिजली विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मृतक परिवार को उचित मुआवजा और एक सदस्य को रोजगार दिया जाए। लोगों का कहना है कि यदि इन मांगों की अनदेखी की गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

बीरेंद्र साहू की मौत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह साफ दिखाता है कि अवैध बिजली कनेक्शन, विभागीय लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता मिलकर कैसे आम लोगों की जान ले रही है। यह सिर्फ एक गांव की त्रासदी नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी है। जब तक अवैध बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।

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