CG NEWS : गौरी शंकर गुप्ता -घरघोड़ा/लैलूंगा। थाना क्षेत्र में लंबे समय से मवेशियों की तस्करी का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता और संदिग्ध भूमिका के कारण यह अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।
CG NEWS : सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मवेशियों की तस्करी का नेटवर्क काफी मजबूत है। रात के अंधेरे में ही नहीं बल्कि दिन के उजाले में भी पिकअप वाहनों, ट्रकों और छोटे बड़े परिवहन साधनों के जरिये मवेशियों को लैलूंगा क्षेत्र के गाँवों से उड़ीसा ले जाया जाता है। वहाँ उन्हें मवेशी बाजार के जरिए बूचड़खानों तक पहुँचा दिया जाता है।
CG NEWS : स्थानीय लोगों का कहना है कि यह काला कारोबार मौसम, परिस्थिति या पुलिस की गश्त से प्रभावित नहीं होता। चाहे तपती गर्मी हो, बरसात का मौसम हो या कड़ाके की ठंड – मवेशियों की आवाजाही और तस्करी का सिलसिला लगातार जारी रहता है।
CG NEWS : ग्रामीणों के आरोप और संदेह
CG NEWS : ग्रामीणों का आरोप है कि तस्करी को बढ़ावा देने में कुछ स्थानीय सफेदपोश लोग भी शामिल हैं, जो सीधे या परोक्ष रूप से तस्करों को संरक्षण प्रदान करते हैं। वहीं पुलिस प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ईमानदारी से कार्रवाई करे तो इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जा सकती है, लेकिन कार्रवाई के बजाय प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
CG NEWS : गौसेवा समितियों का संघर्ष
CG NEWS : पूर्व में गौसेवा समितियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कई बार तस्करों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। उस दौरान कुछ समय के लिए गतिविधियाँ धीमी भी हुईं, लेकिन तस्करी का यह सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं। इसके विपरीत, समय के साथ समितियों और कार्यकर्ताओं पर दबाव बढ़ने लगा। ग्रामीणों का आरोप है कि गौसेवकों को डराने-धमकाने, यहाँ तक कि झूठे मामलों में फँसाने की घटनाएँ भी सामने आई हैं। उनका कहना है कि ऐसे कृत्य पुलिस और तस्करों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हो सकते।

CG NEWS : ग्रामीणों की माँग
CG NEWS : ग्रामीण अब जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इस अवैध कारोबार पर जल्द रोक नहीं लगी तो न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि सामाजिक माहौल भी बिगड़ेगा। लोगों ने साफ तौर पर कहा है कि तस्करों और उनके संरक्षणदाताओं के खिलाफ कठोर और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
CG NEWS : प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
CG NEWS : सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पुलिस और प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर मौन क्यों है? वर्षों से चल रहे इस धंधे को रोकने में असफलता कहीं न कहीं कानून व्यवस्था की साख पर भी सवाल खड़े कर रही है।













